नीरज सिसौदिया, नई दिल्ली
दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह सवाल अब सबकी जुबान पर है। हाल ही में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत हुई है, जिससे यह तो स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से ही होगा। इसे लेकर कई नाम चर्चा में हैं लेकिन माना जा रहा है कि जिस तरह से भाजपा ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में सबको हैरान कर दिया था उसी तरह दिल्ली में भी कोई ऐसा चौंकाने वाला चेहरा सीएम की कुर्सी पर विराजमान हो सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि जरूरी नहीं कि मुख्यमंत्री पार्टी के नव निर्वाचित विधायकों में से होगा। पार्टी किसी सांसद को भी यह जिम्मेदारी सौंप सकती है। खास तौर पर बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए दिल्ली का सीएम तय किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा के कई नेता दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं। लेकिन इनमें से सबसे पहला नाम गायक-अभिनेता से राजनेता और फिर सांसद बने मनोज तिवारी है। मनोज तिवारी दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भी रह चुके हैं और दिल्ली में पूर्वांचलियों के सर्वमान्य नेता माने जाते हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत में पूर्वांचल के लोगों की अहम भूमिका रही है। और अब बिहार में विधानसभा चुनाव भी होने जा रहे हैं। ऐसे में मनोज तिवारी को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा बिहार को एक संदेश दे सकती है कि अब दिल्ली बिहारियों की भी उतनी ही है जितनी पंजाबियों और हरियाणवियों की। पूर्वांचल की एक बड़ी आबादी दशकों से दिल्ली में बसी हुई है लेकिन आज भी उन्हें वह सम्मान दिल्ली में अन्य क्षेत्र के लोगों की ओर से नहीं दिया जाता जिसके वो वास्तव में हकदार हैं। ऐसे में मनोज तिवारी को अगर दिल्ली की कमान सौंप दी जाती है तो बिहार के चुनाव में स्थानीय पार्टियों का मुकाबला करना भाजपा के लिए बेहद आसान होगा। वहीं, पूर्वांचल के लोगों को भाजपा से जोड़ने में मनोज तिवारी ने पिछले लगभग एक दशक में अहम भूमिका निभाई है। यही वजह है कि मनोज तिवारी की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
दूसरा सबसे बड़ा नाम प्रवेश साहिब सिंह वर्मा का है। प्रवेश वर्मा नई दिल्ली विधानसभा सीट से अजेय माने जा रहे आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को हराकर विधानसभा पहुंचे हैं। प्रवेश वर्मा पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं और अब तक कोई चुनाव नहीं हारे। लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक वोटों से जीत हासिल करने वाले प्रवेश वर्मा ही थे। इस बार उन्हें लोकसभा का टिकट नहीं दिया गया। तभी से माना जा रहा था कि प्रवेश वर्मा को पार्टी बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है। अब संभव है कि वह वक्त आ गया है। हालांकि कुछ लोगों का यह भी मानना है कि उन्हें डिप्टी सीएम भी बनाया जा सकता है।
इन दो प्रबल दावेदारों के अलावा विजेंद्र गुप्ता, वीरेंद्र सचदेवा जैसे कुछ अन्य नाम भी चर्चा में हैं।
हालांकि, यह तय करना कि दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, भाजपा के शीर्ष नेताओं के हाथ में है। उन्हें अपने पार्टी के नेताओं में से सबसे उपयुक्त व्यक्ति का चयन करना होगा जो दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर सकता है।
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