फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता चंद्रसेन सागर का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वर्ष 1977 में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले चंद्रसेन सागर दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। तीन आईएएस बेटियों के पिता होने के बावजूद घमंड उन्हें छू भी नहीं सका है। उनकी यही सहजता और सरलता उन्हें जनता में लोकप्रिय बनाती है। 48 वर्षों के राजनीतिक सफर में तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके चंद्रसेन सागर इस बार बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उनकी क्या तैयारियां हैं? मौजूदा फरीदपुर विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल को वह कितना सफल मानते हैं? अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है और जनता उन्हें विधायक चुनती है तो उनके विकास का विजन क्या होगा? पार्टी के अन्य दावेदारों से वह बेहतर विकल्प क्यों हो सकते हैं? ऐसे तमाम मुद्दों पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख और वरिष्ठ समाजवादी नेता चंद्रसेन सागर ने Indiatime24.com के संपादक नीरज सिसौदिया के साथ खुलकर बात की। पेश हैं इस बातचीत के मुख्य अंश…

सवाल : क्या इस बार विधानसभा चुनाव लड़ने का मन है?
जवाब : हमारी समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव जी ने अगर इस बार टिकट दिया तो फरीदपुर विधानसभा सीट से जरूर चुनाव लड़ेंगे।

सवाल : आपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कब की थी?
जवाब : मैंने वर्ष 1977 में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। उसे समय मेरे बड़े भाई डॉक्टर सियाराम सागर जनता पार्टी से अध्यक्ष बने थे। उसे वक्त में गांव में था और भैया के सहारे के लिए मैं फरीदपुर आ गया था।
सवाल : फिर ये सिलसिला किस तरह से आगे बढ़ा?
जवाब : मैंने भैया से कुछ राजनीति सीखी। जब वह बाहर जाते थे तो उनका पूरा काम मैं ही देखता था। जनता की सेवा करता था। देखते ही देखते समय गुजरता गया। कई साल तक फरीदपुर में जनता की सेवा करने के बाद वर्ष 1996 में मेरे भी मन में आया कि कोई नया क्षेत्र देखा जाए वहां काम किया जाए तो मैं इसके लिए पीलीभीत जिले की बरखेड़ा विधानसभा सीट को चुना। मैं वहां से निर्दलीय चुनाव लड़ा और क्योंकि मैं वहां पर नया था इसलिए मुझे 12000 वोट मिले। इसी वर्ष मैं फरीदपुर विधानसभा सीट के भुता ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ा और मैं ब्लॉक प्रमुख बन गया। वर्ष 2002 में फिर विधानसभा चुनाव हुए और उस वक्त मैंने मेनका गांधी की पार्टी शक्ति दल से चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं मिली। इस हार के बाद मैने बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र का विचार छोड़ दिया और फिर फरीदपुर में काम किया। इसके बाद वर्ष 2006 में मैं फिर से भुता से ब्लॉक प्रमुख बना। फिर वर्ष 2012 में कुछ पारिवारिक घटनाएं ऐसी हुई कि मुझे अपने बड़े भाई सियाराम सागर के खिलाफ चुनाव लड़ना पड़ा क्योंकि जब प्रदेश में बसपा की सरकार थी और फरीदपुर से विजयपाल सिंह विधायक थे तो उसे वक्त मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया और मेरे परिवार वालों ने मेरी मदद नहीं की। इस वजह से मेरा मनमुटाव हो गया और वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में मैं फरीदपुर विधानसभा सीट से आईएमसी से चुनाव लड़ा और मुझे उसे वक्त 20000 वोट मिले थे और मेरे बड़े भाई डॉक्टर सियाराम सागर समाजवादी पार्टी से चुनाव जीत गए थे। इसके बाद परिवार में मनमुटाव खत्म हो गया और मैं अपने भैया के साथ आ गया।

सवाल : विधानसभा चुनाव की क्या तैयारी है?
जवाब : 27 जनवरी को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव जी ने पीडीए का नारा दिया था। मैंने आज तक लगभग 80 से भी अधिक पीडीए सभाएं की हैं। उनमें से करीब पांच सभाएं ऐसी थी जिनमें लोगों की उपस्थिति कुछ काम थी लेकिन बाकी सभी सभाओं में बड़ी संख्या में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के लोग शामिल हुए। इसकी अतिरिक्त मैंने दो पीडीए रथ बनवाए थे जो गांव-गांव में प्रचार कर रहे थे। वहीं, बरसात के चलते पीडीए पंचायत का सिलसिला थोड़ा धीमा कर दिया है। हालांकि इस बीच मैंने समाजवादी पार्टी की भूतपूर्व सांसद स्वर्गीय फूलन देवी जी की पुण्यतिथि पर फरीदपुर के लगभग 20 गांव में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया। फूलनदेवी मल्लाह समाज से ताल्लुक रखती थीं और मैंने जिन गांवों में सभाओं का आयोजन किया था वो सभी गांव भी मल्लाह बहुल गांव हैं। इन गांवों में श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से पीडीए का संदेश पहुंचाने का काम किया गया। जिसे लोगों ने खूब सराहा। हमारी पूरी तैयारी है कि वर्ष 2027 में फरीदपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ें।
सवाल : फरीदपुर विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक को आप कितना सफल मानते हैं?
जवाब : फरीदपुर के मौजूदा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल हैं और वह अपना अध्ययन कार्य में लगे रहते हैं। अब जो विधायक निधि है उसे तो काम करना ही पड़ेगा। वह दावा करते हैं कि उन्होंने फरीदपुर रोडवेज बस अड्डे का काम करवाया तो मैं आपको बता दूं कि वर्ष 1977 में जब मेरे भैया डॉक्टर सियाराम सागर विधायक बने थे तो उन्होंने रोडवेज की नींव रखी थी कि फरीदपुर में रोडवेज होना चाहिए और मंडी समिति होनी चाहिए। विधायक कहते हैं कि हमने सड़के बनवाई तो विधायक निधि से काम तो करना ही है, कहीं तो डाली जाएगी विधायक निधि। फिर भी इन्होंने कहां विकास कराया हमें तो दिखाई नहीं देता।
सवाल : फरीदपुर विधानसभा सीट के प्रमुख मुद्दे आपकी नजर में क्या हैं?
जवाब : फरीदपुर विधानसभा में सबसे प्रमुख मुद्दा मंडी समिति का है। यहां मंडी समिति न होने की वजह से फरीदपुर के किसानों को बरेली जाना पड़ता है। दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह है कि फरीदपुर से खुदागंज जाने के लिए कोई भी सीधा रास्ता नहीं है। मेरे भाई डॉक्टर सियाराम सागर जी ने ग्राम सैदपुर पर पुल बनवाया था। आज स्थिति यह हो गई है कि पीडब्ल्यूडी ने उसकी कोई मरम्मत नहीं की पुल की साइडों से मिट्टी कट गई है और वह पुल आज महज सफेद हाथी बनकर रह गया है। सरकार उसे पर कोई ध्यान नहीं दे रही। वहीं, बिथरी चैनपुर से मल्लपुर तक बेहद जर्जर स्थिति है सड़क की। पूरे फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की बहुत खराब स्थिति है। इसके अलावा कुछ भी ऐसी व्यवस्था नहीं है कि लोगों को रोजगार मिल सके।

सवाल: अगर पार्टी आपको टिकट देती है और फरीदपुर की जनता आपको विधायक चुनती है तो विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए आपका विजन क्या होगा?
जवाब: सबसे पहले काम तो मंडी समिति का होगा जिससे किसानों को फायदा मिल सके। हमारा फतेहगंज पूर्वी इलाका है, उसमें ब्लॉक होना चाहिये। फतेहगंज पूर्वी के पास की जो गांव है वह भुता ब्लॉक में लगे हुए हैं। ऐसी कई समस्याएं हैं जनता की जिनका समाधान होना चाहिए। इसके अलावा फतेहगंज पूर्वी नगर पंचायत है लेकिन उसके आसपास के जो गांव हैं वह फतेहगंज पूर्वी से नहीं जुड़े हुए हैं उन गांवों को फतेहगंज पूर्वी से जोड़ा जाना चाहिए। असहायों और दिव्यांगों के लिए कोई आश्रय गृह नहीं है। हमने लड़कियों के लिए हॉस्टल, असहायों और दिव्यांगों के लिए आश्रय गृह के निर्माण की याेजना बनाई है।

सवाल : मौजूदा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल ने पिछले चुनाव में जो वादे किए थे, क्या आपकी नजर में वो वादे पूरे हो पाए हैं?
जवाब : मुझे तो कहीं दिखाई नहीं देता कि कौन सा वादा पूरा किया। अभी तक तो कोई वादा पूरा किया नहीं। उन्होंने वादा किया था कि फतेहगंज पूर्वी ब्लॉक बनेगा लेकिन इतने समय बाद भी ब्लॉक तो बना नहीं। उन्होंने कहा था कि फरीदपुर का चहुंमुखी विकास होगा अभी तक तो हुआ नहीं। बिजली की समस्या का भी कोई समाधान नहीं हुआ। ट्रांसफार्मर फुंक जाए कोई सुनने वाला नहीं है तो इसलिए फरीदपुर की जनता विधायक बदलना चाहती है।

सवाल : आपकी ऐसी कौन सी खूबियां हैं जो पूर्व विधायक विजयपाल सिंह या सपा के टिकट के अन्य दावेदारों में नहीं है, जिस वजह से पार्टी आपको टिकट दे?
जवाब : देखिए, विजयपाल सिंह जी आप समाजवादी पार्टी में हैं इसलिए मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। इस सवाल का जवाब तो जानता ही बेहतर दे सकती है। मेरे भाई डॉक्टर सियाराम सागर 1977 से विधायक रहे हैं। मैं दो बार ब्लॉक प्रमुख रहा हूं, जनता की सेवा करता रहा हूं। मेरी छवि बेदाग है, मुझ पर कभी कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। मैं जनता के काम करता हूं। आप जनता के बीच जाकर देखेंगे तो जनता ये खुद कहेगी कि चंद्रसेन सागर को फरीदपुर से विधायक होना चाहिए।





