नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली की सियासत में इन दिनों एक नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है- राजेश अग्रवाल। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ पार्षद और शहर विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी राजेश अग्रवाल इस समय सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। कभी जरूरतमंदों की मदद करते हुए, कभी जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाते हुए, तो कभी सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हुए उनके वीडियो और तस्वीरें लगातार वायरल हो रही हैं। लेकिन हाल ही में एक ऐसा वीडियो सामने आया, जिसने उन्हें एक बिल्कुल अलग अंदाज में लोगों के सामने पेश कर दिया।
दरअसल, हाल ही में बरेली में एक क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था। इस टूर्नामेंट के उद्घाटन कार्यक्रम में राजेश अग्रवाल भी मौजूद थे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के वन राज्य मंत्री अरुण कुमार भी शामिल हुए। उद्घाटन के दौरान जब खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए कुछ खास करने की बात आई, तो राजेश अग्रवाल खुद मैदान में उतर गए। उन्होंने बल्ला थामा और कुछ गेंदों पर शानदार शॉट लगाए। यही पल कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इस वीडियो में राजेश अग्रवाल को पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते देखा जा सकता है। न कोई झिझक, न कोई दिखावा, बस खेल के प्रति लगाव और मैदान में उतरने का जज्बा। इस वीडियो को उन्होंने खुद अपने फेसबुक पेज पर भी शेयर किया। साथ में उन्होंने एक छोटा सा कैप्शन लिखा—“पुराना शौक फिर से कुछ मिनटों के लिए।” यही पंक्ति लोगों को खासा पसंद आई, क्योंकि इससे यह साफ झलकता है कि राजनीति के साथ-साथ उनके जीवन में खेल और सामान्य रुचियों की भी अहम जगह है।
वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। समर्थकों ने इसे सकारात्मक नजरिए से देखा और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने लिखा कि जिस तरह राजेश अग्रवाल क्रिकेट के मैदान में बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसी तरह आने वाले विधानसभा चुनाव में भी वे अपने राजनीतिक विरोधियों के छक्के छुड़ा देंगे। खासकर कैंट विधानसभा सीट को लेकर यह चर्चा तेज हो गई कि राजेश अग्रवाल वहां से भी मजबूत दावेदारी के साथ उतर सकते हैं।
राजेश अग्रवाल की इस पोस्ट और वीडियो ने यह साबित कर दिया कि वे केवल भाषणों और बैठकों तक सीमित रहने वाले नेता नहीं हैं। वे हर मोर्चे पर खुद को सक्रिय रखने में विश्वास करते हैं। चाहे आंदोलन हो, जनहित के मुद्दों पर संघर्ष हो, सामाजिक कार्यक्रम हों या युवाओं के बीच संवाद—हर जगह उनकी मौजूदगी देखी जाती है। यही वजह है कि उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनती जा रही है, जो जमीन से जुड़ा हुआ है और आम लोगों के बीच रहकर उनकी बात सुनता है।
इससे पहले भी राजेश अग्रवाल कई मौकों पर चर्चा में रह चुके हैं। कुछ समय पहले वह एक जिम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उन्होंने युवाओं से मुलाकात की और उन्हें फिटनेस के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ सोच के बिना न तो समाज मजबूत बन सकता है और न ही देश। इसके अलावा वे फैशन शो, उत्तरायणी मेला जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में भी नजर आए, जहां उन्होंने आम लोगों के साथ घुल-मिलकर कार्यक्रमों का आनंद लिया।
राजेश अग्रवाल की यही ऑलराउंडर छवि लोगों को आकर्षित करती है। एक ओर वे पार्षद के रूप में अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लगातार सक्रिय रहते हैं, तो दूसरी ओर सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी यह संदेश देती है कि वे समाज के हर वर्ग से जुड़ना चाहते हैं। शायद यही कारण है कि उनके समर्थकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, खासकर युवाओं के बीच।
हालांकि, हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। जहां एक ओर समर्थक उनकी इस बल्लेबाजी को आने वाले राजनीतिक मुकाबले का संकेत मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे केवल एक पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि राजेश अग्रवाल आमतौर पर गंभीर और शांत स्वभाव के नेता माने जाते हैं और अब वे अपनी छवि को थोड़ा हल्का-फुल्का और आकर्षक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया के दौर में नेताओं के लिए चर्चा में बने रहना जरूरी हो गया है, और यह वीडियो उसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
लेकिन राजनीति में छवि और संदेश का महत्व हमेशा से रहा है। आज के समय में सोशल मीडिया एक बड़ा मंच बन चुका है, जहां नेता सीधे जनता से जुड़ सकते हैं। राजेश अग्रवाल ने इस मंच का इस्तेमाल अपने अंदाज में किया है। उन्होंने न तो कोई लंबा राजनीतिक भाषण दिया, न ही किसी विरोधी पर हमला किया। बस क्रिकेट के मैदान में उतरकर अपने पुराने शौक को जिया और वही पल लोगों के साथ साझा कर दिया। शायद यही सादगी लोगों को पसंद आ रही है।

बरेली शहर के लोगों की बात करें तो राजेश अग्रवाल पहले से ही एक जाना-पहचाना नाम हैं। पार्षद के रूप में उन्होंने कई बार नगर निगम से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाया है। सड़क, पानी, सफाई, बिजली, प्रॉपर्टी टैक्स, हाउस टैक्स जैसी बुनियादी समस्याओं पर वे लगातार आवाज उठाते रहे हैं। शहर विधानसभा सीट से प्रत्याशी रह चुके अग्रवाल तीन दशक से पार्षद बनते आ रहे हैं। इस कारण उनका राजनीतिक अनुभव भी कम नहीं है। ऐसे में जब वे इस तरह के आयोजनों में सामने आते हैं, तो लोग उन्हें केवल नेता नहीं, बल्कि अपने बीच का इंसान मानते हैं।
इस वीडियो के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में राजेश अग्रवाल किस भूमिका में नजर आएंगे। क्या वे इस बार कैंट विधानसभा सीट से मैदान में उतरेंगे? क्या समाजवादी पार्टी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी देगी? इन सवालों के जवाब फिलहाल भविष्य के गर्भ में हैं। लेकिन इतना तय है कि उन्होंने अपनी इस ‘रियल बैटिंग’ से राजनीतिक पिच पर भी हलचल जरूर पैदा कर दी है।
कुल मिलाकर, वजह चाहे जो भी हो—पुराना शौक, युवाओं से जुड़ने की कोशिश या फिर सोशल मीडिया पर एक सकारात्मक संदेश देना, राजेश अग्रवाल इस वक्त बरेली के सियासी और सामाजिक माहौल में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। उनकी बल्लेबाजी का वीडियो यह दिखाता है कि राजनीति सिर्फ भाषणों और बैठकों का खेल नहीं है, बल्कि लोगों से जुड़ने का एक तरीका भी है। और इस खेल में राजेश अग्रवाल फिलहाल पूरी तरह फिट नजर आ रहे हैं।





