नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव और शहर विधानसभा सीट से टिकट के प्रबल दावेदार मोहम्मद कलीमुद्दीन ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर शिक्षा और संविधान के महत्व को लेकर एक सशक्त संदेश दिया। इस मौके पर वह बरेली जिले के विभिन्न इलाकों में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोहों में शामिल हुए और लोगों से सीधा संवाद किया। हर मंच से उनका जोर शिक्षा को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए समाज को आगे बढ़ाने पर रहा।
अपने संबोधन में मोहम्मद कलीमुद्दीन ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दौर शिक्षा का दौर है। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि “अगर जरूरत पड़े तो एक रोटी कम खा लीजिए, लेकिन अपने बच्चों की पढ़ाई में कभी समझौता मत कीजिए।” उन्होंने कहा कि पढ़ाई ही वह हथियार है, जिससे इंसान अपनी पहचान बनाता है और समाज में सम्मान हासिल करता है।

उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी एक साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर आगे बढ़े हैं। “मैं आपकी ही गांव के बगल का रहने वाला हूं। मैंने यहीं से पढ़ाई की और आज जहां भी जाता हूं, लोग मेरी बात सुनते हैं। यह मेरी व्यक्तिगत ताकत नहीं, बल्कि शिक्षा की ताकत है, जिसने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है।” उनके इस कथन ने वहां मौजूद युवाओं और अभिभावकों को खासा प्रभावित किया।
कलीमुद्दीन ने युवाओं से आह्वान किया कि वे पढ़ाई को अपना पहला लक्ष्य बनाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही रोजगार के रास्ते खुलते हैं और इंसान आत्मनिर्भर बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षित समाज ही मजबूत लोकतंत्र की नींव रख सकता है।

बेटियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि एक बेटी की शिक्षा पूरे समाज को रोशन करती है। “एक बेटी पढ़ती है तो वह दो घरों को शिक्षित करती है। आप पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है, इसलिए मन लगाकर पढ़ाई करें।” साथ ही उन्होंने नैतिक मूल्यों पर भी जोर देते हुए कहा कि ऐसी कोई पढ़ाई बेकार है, जो माता-पिता का सम्मान न बचा सके। उन्होंने बेटियों से अपील की कि वे ऐसा कोई कार्य न करें जिससे परिवार को शर्मिंदगी उठानी पड़े।

संविधान के महत्व पर बोलते हुए मोहम्मद कलीमुद्दीन ने कहा कि यह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों की देन है। संविधान ने हमें अधिकार दिए हैं, इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम इसका सम्मान करें और इसके मूल्यों को जीवन में उतारें।

गौरतलब है कि मोहम्मद कलीमुद्दीन पिछली बार भी शहर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के मजबूत दावेदार रहे हैं और इस बार भी उन्हें टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। गणतंत्र दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी को जनसंपर्क के रूप में भी देखा जा रहा है। वह लोगों के बीच यह संदेश देने में सफल रहे कि यदि पार्टी उन्हें अवसर देती है तो वह शिक्षा, युवाओं और बेटियों को केंद्र में रखकर समाज को नई दिशा देना चाहेंगे।

शिक्षा, संविधान और सामाजिक जिम्मेदारी पर उनका यह स्पष्ट दृष्टिकोण उन्हें एक पढ़े-लिखे और दूरदर्शी दावेदार के रूप में प्रस्तुत करता है, जो केवल चुनावी राजनीति नहीं बल्कि समाज के भविष्य की बात करता है।





