नीरज सिसौदिया, बरेली
नगर निगम बरेली में विभिन्न जनसमस्याओं और नगर व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर भाजपा पार्षदों ने नगर आयुक्त को लिखित ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन भाजपा उपनेता सदन शालिनी जोहरी के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना कातिब उर्फ मम्मा का विशेष सानिध्य रहा। इस दौरान उपसभापति नरेंद्र सिंह भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
बैठक में सबसे पहले छंगामल मौर्य पर लगाए गए गलत आरोपों का विरोध दर्ज कराया गया। पार्षदों ने कहा कि बिना ठोस तथ्यों के किसी सम्मानित व्यक्ति पर आरोप लगाना उचित नहीं है। इससे उनकी सामाजिक छवि प्रभावित होती है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गलत आरोपों को वापस लिया जाए।
इसके अलावा किला पिराहा क्षेत्र में स्थापित कलम-दवात स्मारक को शिफ्ट किए जाने के प्रस्ताव पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई। पार्षदों ने कहा कि यह प्रतीक स्थानीय पहचान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। इसे बिना जनभावना को ध्यान में रखे हटाना उचित नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्थानीय लोगों की सहमति के बिना इस स्मारक को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए।

नगर निगम क्षेत्र में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पार्षदों ने बताया कि कई वार्डों में लंबे समय से लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं और असुरक्षा की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने मांग की कि सभी खराब लाइटों को जल्द से जल्द बदला जाए।
पार्षदों ने यह भी कहा कि वर्तमान में जो नई लाइटें लगाई जा रही हैं, उनकी गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर नई लाइटें भी जल्दी खराब हो रही हैं। इससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है और जनता को भी सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाली लाइटें लगाने की मांग की ताकि लंबे समय तक बेहतर प्रकाश व्यवस्था बनी रहे।
ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। पार्षदों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार अपने कर्मचारियों को पर्याप्त संख्या में लाइटें उपलब्ध नहीं कराते, जिससे काम की गति बहुत धीमी हो जाती है। उन्होंने मांग की कि सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कर्मचारियों को पर्याप्त मात्रा में प्रकाश बिंदु और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय पर कार्य पूरा हो सके।
इन सभी मुद्दों को लेकर सभी उपस्थित पार्षदों ने एक लिखित पत्र पर हस्ताक्षर किए और उसे नगर आयुक्त को सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उपरोक्त बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराते हुए शीघ्र समाधान की मांग की गई।
भाजपा उपनेता सदन शालिनी जोहरी ने कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। नगर निगम का दायित्व है कि वह नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए। वहीं पार्षद सतीश चंद्र कातिब मम्मा ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है और वे हमेशा जनता के साथ खड़े रहेंगे।
नगर निगम में पार्षदों द्वारा उठाए गए इन मुद्दों को लेकर अब नगर आयुक्त की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।





