नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी के संस्थापक, देश के पूर्व रक्षा मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर समाजवादी पार्टी के बरेली स्थित कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्ष, समाजवादी विचारधारा तथा जनसेवा के योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद एवं सपा के राष्ट्रीय सचिव वीरपाल सिंह यादव रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने की तथा संचालन जिला महासचिव राजकुमार पाल ने किया।
इस अवसर पर सर्वप्रथम सपा नेताओं ने मुलायम सिंह यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दीं।
जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि नेताजी ने समाजवादी आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाकर गरीबों, किसानों और वंचितों को राजनीतिक आवाज दी। उनका जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा की प्रेरणा देता है। समाजवादी पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा नेता जी सदैव युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ाते थे, उन्होंने सदैव किसानों की हितों की लड़ाई को बहुत मजबूती के साथ लड़ा, ज़ब नेता जी देश के रक्षा मंत्री बने उन्होंने सेना के शहीद जवानों से जुड़ा एक ऐतिहासिक फैसला लिया और वो फैसला था शहीद सेना के जवान का पार्थिव शरीर उसके घर पर ससम्मान पहुँचाने के निर्देश दिए, इस निर्णय से पूर्व सेना का कोई जवान ज़ब शहीद हो जाता था तो उसके घर पर केवल उसकी टोपी और वर्दी घर जाती थी नेता जी ने इस संबंध में ऐतिहासिक निर्णय लेकर बहुत मार्मिक फैसला लिया था।
इस अवसर वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव ने अपना पूरा जीवन गरीबों, किसानों, मजदूरों, नौजवानों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। नेताजी कहा करते थे कि वायदा खिलाफी भी भ्रष्टाचार की श्रेणी में आती है। जनता से किया गया वायदा निभाना राजनीति की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नेताजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाजवादी कार्यकर्ताओं को उनके बताए रास्ते पर चलते हुए जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करना चाहिए।
नेता जी के साथ मेरी बहुत यादें हैं, नेता जी कहते थे जो मंच पर बोलो, अंदर भी वही बोलो। उन्होंने अपने हकों के लिए नौजवानों को आंदोलन करना सिखाया, एक समय था ज़ब साईकिल पर चुंगी पड़ती थी, अनाज बेचने किसान आता था तो उस पर चुंगी पड़ती थी जिसे नेता जी ने समाप्त किया। आज शौचालय का बड़ा प्रचार होता है नेता जी ने सबसे पहले गाँव – गाँव इस योजना को लागू किया था, पार्टी कार्यकर्ताओं का बहुत ख्याल रखते थे संगठन को उसी तरह अपने कार्यकर्ता का ख्याल रखना चाहिए लगातार संवाद स्थापित करिये नेता जी के आशीर्वाद से पार्टी खूब आगे बढ़ेगी।
महानगर अध्यक्ष शमीम खाँ सुल्तानी ने कहा कि नेताजी ने सामाजिक समानता, आपसी भाईचारे और धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने के लिए आजीवन काम किया। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। नेताजी की विरासत को आगे बढ़ाना प्रत्येक समाजवादी कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नेताजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि समाजवादी कार्यकर्ता जनता के बीच रहकर गरीबों, किसानों, नौजवानों और वंचितों की आवाज बनें तथा उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखें।
विधायक शहजिल इस्लाम ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक जीवन जनसेवा और संघर्ष का प्रतीक रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में किसानों, नौजवानों और वंचित वर्गों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर समाजवादी आंदोलन को मजबूत करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पूर्व विधायक सुल्तान बेग ने कहा कि नेताजी ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की राजनीति की। उन्होंने गरीब और कमजोर लोगों के सम्मान तथा अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उनके संघर्ष और जनसेवा के कार्यों को हमेशा याद किया जाएगा।
पूर्व विधायक विजय पाल सिंह ने कहा कि नेताजी का जीवन समाजवादी सिद्धांतों के प्रति समर्पण की मिसाल है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करना सिखाया। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।
पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन ने कहा कि नेताजी ने सामाजिक सद्भाव, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी राजनीति में आम आदमी के हितों को विशेष महत्व मिला। आज जरूरत है कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारकर समाज में समान अवसर और सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
शहर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी राजेश अग्रवाल ने कहा कि नेताजी ने समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाया और आम लोगों को राजनीति से जुड़ने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी कार्यकर्ताओं को जनता के सुख-दुख में शामिल होकर संगठन को मजबूत करना चाहिए तथा अन्याय के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए।
पूर्व जिलाध्यक्ष अगम मौर्य ने कहा कि नेताजी का जीवन सामाजिक न्याय और पिछड़ों, दलितों, गरीबों तथा किसानों के अधिकारों के संघर्ष से जुड़ा रहा। उन्होंने समाज के उपेक्षित वर्गों को सम्मान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचारों को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने कहा कि नेताजी ने समाजवादी आंदोलन को नई पहचान दी और वंचित वर्गों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर समाजवादी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर जनता की समस्याओं के समाधान के लिए काम करना चाहिए।

अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का लिया संकल्प
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित समाजवादी पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने नेताजी मुलायम सिंह यादव के अधूरे सपनों को पूरा करने, समाजवादी विचारधारा, सामाजिक न्याय, आपसी भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने तथा आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें पुनः उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
श्रद्धांजलि सभा में डॉ अनीस बेग,सुरेंद्र सोनकर,जिला उपाध्यक्ष रविन्द्र यादव, महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव,डॉ देवेंद्र सिंह यादव,उपाध्यक्ष गणों में संजीव यादव, जितेंद्र मुंडे, राजेश मौर्या, गौरव सक्सेना, चौधरी विजेंद्र यादव, प्रदीप मौर्या, पीयूष वर्मा, ताजुद्दीन, पन्ना लाल साहू, राम प्रकाश यादव, मोहित सक्सेना, सुरेन्द्र सोनकर, मुस्ताक अहमद, सिंपल कन्नौजिया,डॉ ओमकार सिंह पटेल,पूर्व ब्लॉक प्रमुख पुरुषोत्तम गंगवार, शराफत ज़री वाला, पार्षद मो. आरिफ कुरैशी, मोहित सक्सेना,शहर विधानसभा अध्यक्ष हसीब खान, कैंट अध्यक्ष हरिओम प्रजापति, भोजीपुरा अध्यक्ष अनिल पटेल, बिथरी अध्यक्ष धर्मपाल लोधी, आँवला अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह यादव, फरीदपुर अध्यक्ष बलराम यादव, स्मिता यादव, पूनम सेन, सिमरन बरार, शालनी सिंह, भारती चौहान, शांति सिंह, दीपा जेम्स, हुरिया रहमान, सुनीता चन्द्रा, सीमा श्रीवास्तव, कल्पना सागर, नीलम गंगवार,सादिक भाई,जान मोहम्मद, दीपक यादव, विक्रांत पाल,सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष रिहान रजा खान, सचिव गणों में ब्रजेश सविता, सत्य देव ओझा, राम सेवक प्रजापति, गोपाल कश्यप, मुकेश मिश्रा, ओमकार पटेल, जमुना प्रसाद मौर्य,प्रमोद अग्रवाल, छेदा लाल दिवाकर, हाज़ी शरीफ खाँ, हिमांशु राज,अनुज वाल्मीकि, चंद्र सेन पाल, संजय वर्मा एड. अल्पसंख्यक सभा जिलाध्यक्ष असलम खान,अशोक यादव, धर्मेंद्र लालू, सत्यवीर यादव,गौरव यादव, दीपू यादव,अमित गिहार, चमन सिंह यादव,अवनीश गुर्जर, नितेश वाल्मीकि, प्रवीण गोयल, भूदेव शर्मा,रामसेवक विश्वकर्मा, महेंद्र सिंह, राजेश यादव, अरबिंद यादव, नामी शरण यादव, यासीन अल्वी, सतेंद्र यादव,फहीम हैदर, महेन्द्र बिक्रम, नीरज सैनी, हिमांशु सोनकर, सोनू वाल्मीकि, स्वदेश यादव,मनी यादव अमन यादव आदि मौजूद रहे।




