पीलीभीत। उत्तर प्रदेश में पीलीभीत के अमरिया थाने में दुष्कर्म पीड़िता ने थानाध्यक्ष पर आरोपी से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया जिसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी है। घटना अमरिया थाना क्षेत्र की है, जहां एक युवती ने आसिफ नाम के युवक के खिलाफ शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और फिर शादी से मुकरने का आरोप लगाया था। युवती का आरोप था कि थाना अध्यक्ष ब्रजवीर सिंह ने आरोपी से साठगांठ करके मुकदमे में फाइनल रिपोटर् लगा दी। पीड़तिा का कहना था कि जब उसने मामले की जानकारी लेने और न्याय की मांग करने के लिए थाने का रुख किया, तो थाना अध्यक्ष ने उसे मर जाने के लिए कह दिया, जिससे वह आहत हो गई। पीड़िता ने बुधवार की शाम थाने में ही जहर खा लिया। उसकी हालत बिगड़ने के बाद तत्काल उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बरेली रेफर कर दिया। बरेली में उपचार के दौरान पीड़तिा की मौत हो गई। पीड़तिा ने अपने अंतिम बयान में बताया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर सालों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब वह शादी के लिए दबाव डालती, तो आरोपी मुकर जाता। जब पीड़तिा ने न्याय की मांग के लिए थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया, तो पुलिस ने आरोपी के साथ मिलीभगत करते हुए मामले में फाइनल रिपोटर् लगा दी। हालांकि उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद यह रिपोटर् वापस कर दी गई, लेकिन थाना अध्यक्ष द्वारा की गई घिनौनी टिप्पणी और फिर जहर खाने की घटना ने पीड़तिा को जीवन से निराश कर दिया। इस मामले पर थाना अध्यक्ष ब्रजवीर सिंह ने सफाई देते हुये कहा ‘‘ मुकदमा दुष्कर्म का दर्ज किया गया था, और बाद में फाइनल रिपोटर् लगाई गई थी। युवती ने अचानक थाने में जहर खा लिया, उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।” इस घटना के बाद पूरे मामले में थाना अध्यक्ष और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़तिा के परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है, और वे आरोपियों के खिलाफ कड़ी कारर्वाई की मांग कर रहे हैं।
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