
नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली जिले के बहेड़ी विधानसभा क्षेत्र के लोधीपुर गांव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख फरीदपुर विधानसभा सीट से सपा के टिकट के प्रबल दावेदार चन्द्रसेन सागर विशेष रूप से शामिल हुए और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपने संबोधन में चन्द्रसेन सागर ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल किसी एक समाज या एक वर्ग के नेता नहीं थे, बल्कि वह सर्व समाज के महानायक थे। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने देश के दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान का निर्माण किया। आज देश में जो समानता, अधिकार और सम्मान की व्यवस्था दिखाई देती है, वह बाबा साहेब की ही देन है।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि यदि बाबा साहेब ने संविधान में दलितों और कमजोर वर्गों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान नहीं किए होते, तो आज उनकी तीनों बेटियां सिविल सेवा जैसे उच्च पदों तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने कहा कि यह सब बाबा साहेब के संघर्ष और दूरदर्शिता का परिणाम है। समाज के लाखों परिवारों की तरह उनका परिवार भी बाबा साहेब का ऋणी है।
चन्द्र सेन सागर ने कहा कि बाबा साहेब की जयंती श्रद्धा और सम्मान का अवसर है, इसे चुनावी मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बिना नाम लिए बसपा के जिला अध्यक्ष के भाषण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह समय राजनीतिक भाषण देने का नहीं, बल्कि बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि देने का है। यहां सभी दलों के लोग मौजूद हैं, क्योंकि बाबा साहेब किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि सभी के पूजनीय हैं।
उन्होंने आगे कहा कि नीले रंग को लेकर भी अनावश्यक राजनीति नहीं होनी चाहिए। नीला रंग किसी की बपौती नहीं है। बाबा साहेब के विचार, उनका संघर्ष और उनका संदेश पूरे समाज के लिए है। किसी एक दल द्वारा उन पर अधिकार जताना उचित नहीं है।
संविधान की रक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए चन्द्र सेन सागर ने कहा कि आज देश में संविधान को बचाने की सबसे मजबूत आवाज समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समाजवादी पार्टी संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष न करती, तो भाजपा संविधान को कमजोर करने का काम कर देती। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य दलों के नेता संविधान के मुद्दे पर खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मंच चुनावी बहस का नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर यह चुनावी सभा होती तो वह बसपा के बारे में भी बहुत कुछ कह सकते थे, लेकिन यह बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम है, इसलिए यहां केवल सम्मान और विचारों की बात होनी चाहिए।
चन्द्र सेन सागर की बातों को वहां मौजूद लोगों ने सहर्ष स्वीकार किया और तालियों के साथ उनका समर्थन किया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकता से भरा रहा।
लोधीपुर में आयोजित यह अंबेडकर जयंती समारोह सामाजिक समरसता और बाबा साहेब के विचारों को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बना। लोगों ने बाबा साहेब के बताए रास्ते पर चलने और संविधान की रक्षा का संकल्प भी लिया।





