

Related Articles
रिश्तों की किताब खोल कर देखते रहा करिये।
Share nowरिश्तों की किताब ,खोल कर पढ़ते रहा करिये। रिश्तों की किताब खोल कर देखते रहा करिये। मीठे बोल बोल कर आप देखते रहा करिये।। हर रिश्ता बहुत लाजवाब अपने में होता है। प्रेम तराजू में जरा तोल कर देखते रहा करिये।। रिश्तों का हिसाब महोब्बत के पैमाने से होता है। दिल से दिल तक […]
कोरोना को जाने दो…
Share nowहर घर खुशियां छाने दो. कोरोना को जाने दो. कितनी गाली खाता है फिर भी दूर न जाता है. सारे तुझको बुरा कहें फिर भी भू पर छाता है. नहीं बुलाया लेकिन तू बेशर्मी से आता है. उल्टी बातें सुनना ही शायद तुझको भाता है. झूठा- कपटी कोरोना राग गमों के गाता है. हंसी […]
व्यंग्य : सच की मर्दाना कमजोरी
Share nowसुधीर राघव झूठ की महिमा न्यारी है. झूठ से दुनिया चल रही है. विद्वानों ने जगत को मिथ्या कहा है. उपनिषद कहते हैं कि असत्य पांच भौतिक तत्वों से बना है, जबकि जगत का सत्य नेति नेति अर्थात न इति न इति मायने कुछ भी नहीं है। जगत झूठा और नेति नेति ही परम […]



