उत्तराखंड

सात दिवसीय भागवत कथा का समापन

दीपक शर्मा, लोहाघाट 

पाटी ब्लॉक के दुबड़कमलेख में चल रहे सप्ताहव्यापी भागवत कथा का समापन विशाल भण्डारे के हो गया है । भण्डारे एवं कथा के अन्तिम दिन श्रोताओं की भारी भीड़ देखी गई। महिला व पुरुष श्रद्धालुओं से पंडाल खचाखच भरा था। कथा समापन पर कथा व्यास आचार्य गौरीदत्त शास्त्री ने कहा कि एक सप्ताह तक सुकदेव ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाई, जिससे राजा परीक्षित अभिशाप से मुक्त हो गए थे।

जो व्यक्ति सच्चे मन से भागवत कथा का श्रवण करता है, उसका संबंध कृष्ण से अपने आप जुड़ जाता है। कृष्ण की कृपा उनपर सदा बनी रहती है और उस व्यक्ति पर कलयुग भी अपना प्रभाव नहीं जमा पाता है। भागवत कथा विश्राम के बाद विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया.
कथा के सफल समापन को लेकर क्षेत्र के युवाओं, बुजुर्गों एवं जनप्रतिनिधियों सहित सभी ने तनमन धन से सहयोग किया।
वही जैचम बाबा जी श्रधेय श्री प्रकाश नाथ जी महराज ने अपने प्रवचनों के साथ साथ कहा की जिस क्षेत्र मे श्री मद्भागवत कथा जैसे आयोजन होते है उस क्षेत्र मे रोग, अकाल,भय, का नाश होता है और सुख समृद्धि का विकास होता है।

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