विचार

जमीन लाल है और सरकार का मुंह काला

सुधीर राघव

हाथरस के फुलवईपुर गांव में जहां भगदड़ मची वहां की जमीन अभी लाल है और सरकार का मुंह काला।

चालीस मुल्कों की पुलिस डॉन को नहीं ढूंढ सकी थी? यूपी पुलिस की चालीस टीमें बाबा को ढूंढ रही हैं मगर यह लेख लिखे जाने तक ढूंढ नहीं पाई हैं।

मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस बता रही है कि हाथरस से भागकर बाबा मैनपुरी आश्रम में जा छुपा था मगर हिंदी फिल्मों की ही तरह पुलिस तब वहां पहुंची,जब बाबा आश्रम से निकल गया।

वैसे भी बाबा के खिलाफ यूपी पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है। लेकिन फिर भी वह उसे पूरी शिद्दत से ढूंढ रही है। इतना बड़ा कांड होने के बाद भी योगी के बुल्डोजर शांत हैं। अभी तक कहीं दिखाई नहीं दिए। गांवों में बड़े बड़े आश्रम बन गये, लेंड यूज चैंज पालिसी पर स्थानीय निकाय का कुछ नहीं कहना है।

घटना का दौरा करने के बाद योगी ने इस भगदड़ के पीछे साजिश की आशंका जताई। बाबा साकार हरि ने भी अपने वकील के माध्यम से मीडिया को दिए जवाब में भगदड़ को असामाजिक तत्वों की साज़िश कहा है। यानी साजिश की थ्योरी पर दोनों बाबा एक मत हैं। सीएम बाबा भी और आरोपी बाबा भी।

अब सवाल यह है कि साजिश कौन रच सकता है?

दिल्ली में बैठी गुजरात लॉबी पहले ही दिन से नहीं चाहती थी कि योगी बाबा यूपी के सीएम बनें। मगर बाबा अपनी ठसक और जोर से कायम हैं। और तो और बाबा ने यूपी पुलिस भर्ती का पर्चा छापने वाली और लीक करने वाली गुजराती कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और अयोध्या में रामपथ बनाने वाली एक अन्य भ्रष्ट गुजराती कंपनी को नोटिस भेज दिया।

लोकसभा चुनाव में जो जिताऊ नाम योगी ने यूपी से भेजे थे उन 31 को टिकट नहीं दिया गया।

लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार की पार्टी के गुजराती पिछलग्गू दल ने जो रिपोर्ट तैयार की है, उसका विवरण इंडियन एक्सप्रेस ने छापा है। रिपोर्ट में पेपर लीक और बाबा की पुलिस तथा प्रशासन द्वारा नियमों का पालन न करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने को हार का कारण बताया गया है। इसके अलावा ओबीसी और दलित वोट छिटक जाने पर भी खूब जोर दिया है।

मतलब साफ है कि परोक्ष रूप से किसी ओबीसी चेहरे को आगे लाने पर जोर है।

जैसे कांटे से कांटा निकाला जाता है, वैसे ही बाबा से बाबा निकालने की साज़िश से भी इनकार नहीं किया जा सकता? इसके पीछे कौन लोग हैं, यह जांच योगी बाबा ने हाईकोर्ट के जज के नेतृत्व में सौंप दी है।

पहले नेताओं पर आरोप लगते थे कि वे लाशों पर राजनीति करते हैं, मगर अब लाशों से राजनीति होती है। गोधरा काण्ड के बाद से देश में राजनीति का नया मॉडल विकसित हुआ है। गुजरात मॉडल! अब देखना यह है कि योगी की कुर्सी इतने बड़े कांड के बाद छिन जाएगी या वह देश की सबसे ताकतवर और लुटेरी गुजराती लॉबी को एक बार फिर विफल कर देंगे!!!
#सुधीर_राघव

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