पंजाब

सिद्धू को ही ठोकने में लगा अवैध बिल्डिंगों पर मेहरबान नगर निगम, टिवाना सबसे आगे 

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नीरज सिसौदिया, जालंधर
स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने भले ही एमटीपी मेहरबान सिंह समेत 8 नगर निगम के अधिकारियों को सस्पेंड करने का ऐलान कर दिया है मगर अवैध बिल्डिंगों पर नगर निगम के अफसरों की मेहरबानी अभी खत्म नहीं हुई है| आरटीआई एक्टिविस्ट रविंद्र पाल चड्ढा ने कुछ ऐसी बिल्डिंग का उदाहरण पेश किया है जिनकी शिकायत उन्होंने काफी समय पहले की थी लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई| वही चड्ढा ने कुछ ऐसी बिल्डिंग अभी गिनाई हैं जिनमें नगर निगम की ओर से कार्रवाई करने के बावजूद दोबारा अवैध रूप से काम शुरू कर दिया गया है|

https://youtu.be/c4YoJRQHdas
चड्ढा ने बताया कि 29 दिसंबर 2017 को चीफ विजिलेंस अफसर ने 13 अवैध बिल्डिंगों की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए थे| लेकिन इन अवैध बिल्डिंगों पर कार्रवाई की बजाय नगर निगम के कथित तौर पर भ्रष्ट बिल्डिंग इंस्पेक्टर असिस्टेंट टाउन प्लानर एमटीपी और एसटीपी में इल्लीगल बिल्डिंग के मालिकों से रिश्वत की मोटी रकम लेकर उन बिल्डिंग का काम फिर से शुरू करवा दिया| इनमें सबसे पहले नंबर पर कांग्रेस पार्षद कमलजीत कौर गुल्लू की अवैध बिल्डिंग है| होटल रेड पैटल के पास प्लॉट नंबर 6 में बनी इस कमर्शियल इमारत का रिहाइशी नक्शा पास कराया गया था| नगर निगम की ओर से इस बिल्डिंग का काम एक बार रुकवा भी दिया गया था| इसके बाद इस इलाके में बिल्डिंग इंस्पेक्टर रुपेंद्र सिंह टिवाना को तैनात किया गया| चड्ढा का आरोप है कि टिवाना ने रिश्वत की मोटी रकम लेकर इस कमर्शियल बिल्डिंग का काम दोबारा शुरू करवा दिया और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की| मामला तूूल पकड़ने लगा तो रुपेंद्र सिंह टिवाना से यह एरिया ही वापस ले लिया गया और नये बिल्डिंग इंस्पेक्टर नवजोत दुग्गल को इस इलाके का बिल्डिंग इंस्पेक्टर बनाया गया| जिस दिन स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने जालंधर का दौरा कर अवैध बिल्डिंगों का जायजा लिया, उसी दिन शाम 4:00 बजे के आसपास एसटीपी मोनिका आनंद ने बिल्डिंग इंस्पेक्टर नवजोत सिंह दुग्गल को गुल्लू की बिल्डिंग का काम रुकवाने को कहा| इसके बाद नवजोत दुग्गल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने पार्षद गुल्लू की अवैध बिल्डिंग का काम रुकवा भी दिया|| लेकिन सत्ता के नशे में चूर पार्षद के पति ने फिर से बिल्डिंग का काम अवैध रूप से शुरू करवा दिया| रविंद्र पाल सिंह चड्ढा ने जब इसकी दोबारा शिकायत नगर निगम में की तो बिल्डिंग इंस्पेक्टर नवजोत दुग्गल ने एक बार फिर मौके पर जाकर बिल्डिंग का काम रुकवाया| इस संबंध में जब नवजोत दुग्गल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गुल्लू की बिल्डिंग का काम रुकवा दिया गया है और रिपोर्ट मैंने अलार्म को सौंप दी है जिसमें लिखा है कि इस बिल्डिंग पर पुलिस फोर्स दिखाई जाए ताकि इसका काम गुल्लु द्वारा दोबारा शुरू न करवाया जा सके|

https://youtu.be/TCQp3hFRwWw

इसके अलावा चड्ढा ने एक अन्य बिल्डिंग का मामला उठाया है| चड्ढा का कहना है कि नानक ढाबे के सामने बनी अवैध बिल्डिंग को सील किया गया था लेकिन रिश्वत की मोटी रकम लेकर नगर निगम के अधिकारियों ने उस बिल्डिंग की सील फिर से खोल दी| इसके अलावा नानक भाभी के बगल में ही एंड वी आर की अवैध बिल्डिंग की पहली मंजिल को सील किया गया था लेकिन यहां भी आरोप है कि रिश्वत लेकर निगम के अधिकारियों ने इसकी सील खोल दी| इतना ही नहीं नगर निगम के अधिकारियों के काले कारनामों का सबसे बड़ा उदाहरण नगर निगम के सामने कमर्शियल मेडिकल हॉल और जूस की अवैध बिल्डिंग है जिससे कि मालिश करने का आदेश जारी हो चुका है इसके बावजूद उसके खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है| चड्ढा ने शिकायत की है कि अगर मान हॉस्पिटल की बिल्डिंग पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है जबकि इस अस्पताल की एक मंजिल बिना नक्शा पास कराए बनाई गई है| इसके साथ ही डॉ. मित्तल की अवैध बिल्डिंग के खिलाफ भी कोई कार्यवाही निगम की ओर से नहीं की गई जबकि इस बिल्डिंग कोठी मालिश किया जाना था| अगली शिकायत रविंद्र पाल सिंह चड्ढा ने मकसूदा पुल के नीचे पानी दो अवैध बिल्डिंगों की की है| चड्ढा ने आरोप लगाया है कि नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से इन दोनों बिल्डिंगों पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है| रविंद्र पाल सिंह चड्ढा की इन शिकायतों से यह साबित होता है कि नगर निगम के अधिकारी सुधरने को तैयार नहीं है| वह सिद्धू के आदेशों को भी हवा में उड़ा रहे हैं| नवजोत सिंह सिद्धू के पास लगभग 300 अवैध इमारतों और कॉलोनियों की सूची है कि जिन पर कार्यवाही होनी चाहिए थी लेकिन निगम अधिकारियों ने उनके खिलाफ कार्यवाही नहीं की| इनमें से कुछ इमारतों के खिलाफ कार्रवाई करने पर निगम अधिकारियों पर कथित तौर पर राजनीतिक दबाव डाला गया लेकिन कुछ इमारतें ऐसी भी है जिन पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं होने के बावजूद नगर निगम ने कार्यवाही नहीं की| सिद्धू के आदेशों को ठेंगा दिखाने में सबसे आगे बिल्डिंग इंस्पेक्टर रुपेंद्र सिंह टिवाना हैं| अटारी बाजार में पतंगों वाली गली में अवैध मार्केट रुपेंद्र सिंह टिवाना के संरक्षण में ही तैयार हो गई जबकि इस मार्केट के खिलाफ नगर निगम के कमिश्नर बसंत गर्ग ने उस वक्त ही कार्रवाई के आदेश दे दिए थे जब उस अवैध मार्केट की बुनियाद रखी गई थी| इसी तरह होटल रेड पैटर्न और उसके साथ बनी पार्षद गुल्लू की अवैध बिल्डिंग को भी रुपेंद्र सिंह टिवाना का ही संरक्षण रहा था| अटारी बाजार, कैंचिया वाला बाजार व आसपास के इलाके में जाने कितनी अवैध बिल्डिंग इन रूपेंद्र सिंह टिवाना के ही संरक्षण में तैयार हो गई और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई|

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