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उम्मीदों में गुजरे 15 साल, शहीद का ऐसा अपमान नहीं देखा होगा आपने जो बरेली के अधिकारी कर रहे, बेबस पिता का फूटा गुस्सा, पढ़ें शहीद के पिता का दर्द

नीरज सिसौदिया, बरेली
तंत्र की बेरुखी अमर शहीदों की शहादत को किस कदर अपमानित करती है इसका जीता जागता उदाहरण बरेली शहर के राजेंंद्र नगर का ए ब्लॉक स्थित शहीद लेफ्टिनेंट पंकज अरोरा पार्क है. पंकज अरोरा की शहादत को जहां 17 साल बीत गए वहीं पंकज अरोरा पार्क के जन्म को 15 साल बीत चुके हैं. शहीद के सम्मान में इस पार्क का नामकरण शहीद के नाम पर तो कर दिया गया मगर नामकरण के बाद से लेकर नगर निगम के लापरवाह अधिकारियों ने इसकी सुध तक लेना मुनासिब नहीं समझा. इस पर न तो लाइटें लगीं, न झूले लगे, न सौंदर्यीकरण हुआ और न हो शहीद की वीरगाथा ही दर्ज की गई. बेटे की शहादत का ऐसा अपमान देखकर पिता का कलेजा फटने लगा है. शहीद के पिता श्यामसुंदर अरोरा अपने परिवार के साथ इसी पार्क के ठीक सामने रहते हैं. सरकारी अनदेखी से नाराज श्यामसुंदर बेटे की शहादत को याद करते हुए बताते हैं, ‘मेरा बेटा बहुत ही होनहार था. पंतनगर विश्व विद्यालय से स्नातक करने के बाद वह पूरी तरह सेना में अफसर बनने की तैयारी में जुट गया था. काफी मेहनत के बाद उसका सपना पूरा हुआ और 10 जुलाई सन् 2001 को आईएमए देहरादून में उसकी ट्रेनिंग शुरू हुई. दिसंबर 2002 में उसे सेना में कमीशन प्राप्त हुआ और 24 अगस्त 2003 को जम्मू कश्मीर के राजौरी में वह देश पर मर मिटा.’

अपने बेटे के बारे में जानकारी देते शहीद लेफ्टिनेंट पंकज अरोरा के पिता श्यामसुंदर अरोरा

श्याम सुंदर को बेटे की शहादत पर गर्व है लेकिन उसकी शहादत को अपमानित करने वाले नगर निगम के अधिकारियों और राजनेताओं के खिलाफ उनके मन में गुस्सा है. कहते हैं, ‘ वर्ष 2005. में तत्कालीन मेयर आईएस तोमर और पूर्व सांसद सर्व राज सिंह हमारे घर आए थे. उस वक्त उन्होंने हमारे घर के सामने बने इस पार्क को शहीद पंकज अरोरा पार्क का नाम दिया था. साथ ही इस पार्क को एक आदर्श पार्क के रूप में विकसित करने का भरोसा भी दिलाया था ताकि जो भी इस पार्क में आए उसे पंकज अरोरा की शहादत गौरवान्वित करती रहे. वक्त गुजरता गया. सरकारें बदलीं, अधिकारी बदले मगर शहीद के नाम पर बनाए गए इस पार्क की बदहाली दूर नहीं हुई.’

पार्क की बदहाली के बारे में जानकारी लेते केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, विधायक अरुण कुमार, सभासद सतीश चंद्र सक्सेना मम्मा कातिब और गुलशन आनंद

श्यामसुंदर अरोड़ा वर्तमान विधायक और निगम अधिकारियों के खिलाफ आक्रोशित नजर आते हैं. कहते हैं, ‘पार्क की सूरत बदलने का इंतजार हम करीब 15 वर्षों से कर रहे हैं लेकिन आज तक विधायक अरुण कुमार पार्क में झांकने तक नहीं आए. वह कहते हैं कि जिस शहीद की शहादत का सम्मान स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं उस शहीद के नाम पर बनाए गए पार्क की हालत देखना तो दूर भाजपा के शहर विधायक अरुण कुमार ने कभी शहीद के परिजनों तक का हाल जानना जरूरी नहीं समझा.’

 

शहीद के पिता से जानकारी लेते संतोष गंगवार

रविवार को स्थानीय पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना मम्मा कातिब के निवेदन पर यहां केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार निरीक्षण करने पहुंचे. उनके साथ विधायक अरुण कुमार भी पहुंचे. विधायक को देखकर शहीद के पिता खुद को रोक नहीं पाए और विधायक के समक्ष अनदेखी का मुद्दा उठाया तो विधायक सिवाय तसल्ली के कुछ नहीं दे सके. श्याम सुंदर अरोरा स्थानीय पार्षद मम्मा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहते हैं, ‘जब से मम्मा के वार्ड में यह इलाका शामिल हुआ है तब से मम्मा के प्रयासों का ही नतीजा है कि आज यहां बरेली शहर का दूसरा सबसे ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगने का जा रहा है. लगभग एक साल पहले यह राष्ट्रीय ध्वज इस पार्क के लिए स्वीकृत किया गया था लेकिन बरेली विकास प्राधिकरण की पूर्व वीसी दिव्या मित्तल के तबादले के बाद नए वीसी जोगिंदर सिंह ने शहीद के सम्मान को दरकिनार कर दिया. आज तक ध्वज नहीं लगाया जा सका है.’
रविवार को यहां निरीक्षण करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने बीडीए के वीसी और नगर निगम के अधिकारियों से इस संबंध में बात की. पार्षद और बरेली विकास प्राधिकरण के सदस्य सतीश चंद्र सक्सेना उर्फ मम्मा कातिब ने कहा कि पंकज अरोरा ने देश के लिए शहादत दी थी लेकिन बीडीए के वीसी जोगिंदर सिंह उनकी शहादत को ही अपमानित कर रहे हैं. शहीद केे पिता के साथ वह खुद वीसी के पास गए थे लेकिन उन्होंने इस पार्क के राष्ट्रीय ध्वज व अन्य कार्यों की फाइल आगे नहीं बढ़ाई. उन्होंने बताया कि पार्क में अब तक जो भी कार्य हुए हैं वह उनके निवेदन पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के बाद ही हुए हैं. शहीद के सम्मान में यहां राष्ट्रीय ध्वज लगाने जा रहे हैं. इसके लिए पोल लगवाए जा चुके हैं. नगर निगम से लाइटिंग आदि का काम करने को कहा गया है. आगामी शनिवार तक उक्त काम पूरा करने का भरोसा अधिकारियों ने दिलाया है. रविवार को केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार इसका विधिवत उद्घाटन करेंगे. मम्मा ने कहा कि शहीद लेफ्टिनेंट पंकज अरोरा ने पूरे देश में बरेली की शान बढ़ाई है. उनकी शहादत युगों युगों तक याद रखी जाएगी. उन्हें उनका पूरा सम्मान दिलाया जाएगा. जब से यह इलाका मेरे वार्ड में आया है तब से लगातार मैंने शहीद के नाम पर बने इस पार्क की दशा सुधारने के हरसंभव प्रयास किए हैं और आगे भी करता रहूंगा. अधिकारियों की अनदेखी के चलते विलंब हो रहा है लेकिन इस काम को पूरा कराए बिना मैं चैन से नहीं बैठूंगा.
वहीं विधायक अरुण कुमार ने भी पार्क की दशा सुधारने का आश्वासन दिया है.

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