नीरज सिसौदिया, बरेली
कोरोना काल में लोगों का व्यापार और कारोबार तो चौपट होता ही जा रहा है, नौकरीपेशा लोगों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं. वहीं न्यायालय बंद होने के कारण अधिवक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बेबस अधिवक्ता बार एसोसिएशन से सहायता की आस लगाए बैठे हैं. फिलहाल एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ताओं की आर्थिक सहायता राशि का वितरण नहीं किया गया है. ऐसे में अधिवक्ताओं की ओर से उक्त सहायता राशि वितरित करने की मांग तेज होने लगी है.
वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मवीर गुप्ता ने बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से जल्द से जल्द अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता राशि देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में एसोसिएशन को अधिवक्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होना चाहिए. इस वक्त अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता की सख्त जरूरत है. न्यायालय बंद होने की वजह से कई अधिवक्ता पूरी तरह से बेरोजगार हो चुके हैं. अगर वे घर से बाहर निकलते हैं तो कोरोना का खतरा बढ़ जाता है और अगर घर पर रहते हैं तो पेट की आग जलाती है. उनके समक्ष रोजी रोटी का घोर संकट उत्पन्न हो गया है. ऐसे में बार एसोसिएशन की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता राशि का तत्काल वितरण करे. एडवोकेट धर्मवीर गुप्ता ने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर एक सप्ताह के भीतर अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता वितरित नहीं की गई तो वह अपने साथी अधिवक्ताओं के साथ क्रमिक अनशन पर बैठेंगे और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक अनशन जारी रखेंगे.




