झारखण्ड

नेताजी की सीट बचाने आई प्रेमिका, घरवालों से बगावत कर रचाया ब्याह

बोकारो थर्मल, रामचंद्र अंजाना
झारखंड में इन दिनों पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है। हर कोई अपनी-अपनी जीत की दावेदारी और नामांकन कर रहा है। इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें चुनाव जीतने की रणनीति के तहत एक प्रेमी जोड़े ने शादी कर लिए। मामला नावाडीह प्रखंड के जिला परिषद क्षेत्र संख्या 8 से जुड़ा है जहां के वर्तमान जिला परिषद सदस्य टिकैत कुमार महतो ने अपनी ही पंचायत गोनियाटो की रहने वाली और एमबीए की पढ़ाई कर चुकी प्रेमिका कुमारी खुशबु से चुनाव को देखते हुए शादी कर लिए। दरअसल हुआ यह कि जिला परिषद क्षेत्र संख्या 8 इस बार सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। टिकैत कुमार महतो कुंवारे थे, इसलिए जैसे ही सीट महिला के लिए आरक्षित हुई उसने अपनी प्रेमिका कुमारी खुशबू से शादी का प्रस्ताव रखा। इस शादी का दोनों घरवाले पहले से विरोध कर रहे थे, लेकिन दोनों ने घरवालों का विरोध करते हुए कोर्ट मैरिज कर लिया उसके बाद घरवालों ने सहमति प्रदान की तो दोनों ने मंदिर में जाकर ब्याह रचा लिया। कुमारी खुशबू विनोबा भावे विश्वविद्यालय में एमबीए की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं। वो मार्केटिंग और एचआर की छात्रा रही हैं। कुमारी खुशबू ने बताया कि उसके पति ने अपने जिला परिषद क्षेत्र में 7 वर्षों तक मेहनत की और अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया ऐसे में उनका करियर बनाने के लिए मैंने उनसे शादी की और चुनावी मैदान में लोगों का आशीर्वाद लेने का काम करूंगी। खुशबू ने बताया कि उसका करियर तो बन ही जाएगा लेकिन पति का करियर ज्यादा जरूरी है क्योंकि उनका राजनीतिक भविष्य भी हमें तय करना है। कुमारी खुशबू का कहना है कि जिस परिस्थिति के साथ 15 किलोमीटर का सफर तय कर हमने मुश्किल में पढ़ाई की, हम चाहते हैं कि उस गैप को हम भरें और अच्छी शिक्षा के लिए यहां सभी व्यवस्था करें। पति टिकैत कुमार महतो ने कहा कि हम लोगों ने बचपन में एक साथ खेलकूद कर और पढ़ाई करते हुए एक-दूसरे का सुख दुख बांटा है।

परिस्थिति ऐसी हुई क्षेत्र की जनता और घरवालों के आशीर्वाद से मैंने खुशबू से शादी रचाई. हमने पहले कोर्ट मैरेज किया उसके बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ शादी कर खुशबू को घर ले आए। चुनाव की घोषणा के बाद जब सीट महिला के लिए आरक्षित हो गया तो खुशबू ने मेरे करियर को संवारने के लिए मुझसे शादी की और वह चुनाव मैदान में उतर चुकी है। वह हमेशा जेपीएससी और यूपीएससी की तैयारी करती रही है लेकिन अब वो मेरे इस मुश्किल वक्त में मेरा साथ देते हुए मेरे करियर को बनाने के लिए आगे बढ़ चुकी है। बेरमो में हुई इस शादी को प्रेमी जोड़े ने घरवालों के विरोध के बावजूद भी कोर्ट में किया। प्रेमी से शादी रचाने वाली प्रेमिका खुशबु ने कहा कि इस बार सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई है, ऐसे में पति का करियर बचाने और विकास संबंधी कार्यों को जारी रखने के लिए हमलोगों को शादी करनी पड़ी।

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