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मतदाता सूची पर घमासान: सपा महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने उठाए बड़े सवाल, कहा- एक भी वैध मतदाता का नाम नहीं कटने देंगे

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नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शमीम खाँ सुल्तानी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर चिंता जताई है और इसकी गहन समीक्षा की बात कही है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की शुरुआत में जनपद बरेली में कुल 34,05,820 मतदाता दर्ज थे। लेकिन अंतिम प्रकाशन के समय यह संख्या घटकर 29,48,987 रह गई है। इस तरह कुल मिलाकर करीब 4,56,833 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने से राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम मतदाताओं में भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
शमीम खाँ सुल्तानी ने कहा कि प्रशासन की ओर से मतदाता सूचियां उन्हें आज ही प्राप्त हुई हैं, जिसके बाद पार्टी ने तत्काल स्तर पर बूथवार समीक्षा शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि सेक्टर प्रभारियों और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) साथियों से कई जगहों से ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि कई ऐसे मतदाता, जिनके पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं, उनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं या फिर जोड़े ही नहीं गए।
उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि अगर किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से हटाया गया है तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय है। सुल्तानी ने कहा कि पार्टी इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी और जहां भी गड़बड़ी पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए। इसके लिए पार्टी अपने सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को निर्देश दे रही है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर मतदाता सूची का बारीकी से परीक्षण करें और जिन लोगों के नाम छूट गए हैं, उनकी जानकारी एकत्रित कर उचित कार्रवाई के लिए आगे बढ़ें।
इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है, क्योंकि मतदाता सूची किसी भी चुनाव की सबसे अहम कड़ी होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में नाम हटने की खबर ने बरेली की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है और क्या छूटे हुए मतदाताओं को फिर से सूची में शामिल किया जा सकेगा या नहीं।

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