नीरज सिसौदिया, बरेली
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट पर भी टिकट को लेकर संभावित दावेदारों और उनके समर्थकों की सक्रियता बढ़ने लगी है। इसी क्रम में फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रयागराज पहुंचकर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल से मुलाकात की। इस दौरान फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों के साथ आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात में टिकट के संभावित दावेदारों और क्षेत्र में पार्टी की स्थिति को लेकर भी बातचीत होने की चर्चा है।
प्रतिनिधिमंडल में पाल, यादव और मुस्लिम समाज से जुड़े स्थानीय नेता शामिल थे। इनमें ग्राम उलेहतापुर निवासी मुनेशपाल सिंह पाल, अशोकपुर के सोबरन सिंह पाल, ग्राम कैरुआ निवासी समाजवादी मजदूर सभा के प्रदेश सचिव सचिन यादव, लाडपुर निवासी बीडीसी सदस्य सरबर खां सहित अन्य नेता शामिल रहे। अलग-अलग सामाजिक समूहों से जुड़े नेताओं की एक साथ प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात को फरीदपुर की चुनावी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, प्रतिनिधिमंडल में शामिल सरबर खां ने मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है। उनका कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल से फरीदपुर विधानसभा सीट के साथ-साथ बरेली जिले की अन्य विधानसभा सीटों को लेकर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान संगठन और क्षेत्र से जुड़े राजनीतिक विषयों पर चर्चा की गई। बैठक कुछ देर चली, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य बरेली लौट आए।
इसके बावजूद फरीदपुर में इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इसकी मुख्य वजह सपा प्रदेश अध्यक्ष का हालिया बरेली दौरा है। बताया जा रहा है कि बरेली प्रवास के दौरान श्यामलाल पाल ने फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कुछ नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति और पार्टी की गतिविधियों को लेकर बातचीत की थी। इसके बाद संबंधित नेताओं को दोबारा मुलाकात के लिए कहा गया था। इसी क्रम में प्रतिनिधिमंडल के प्रयागराज पहुंचने की बात सामने आ रही है।
फरीदपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के भीतर आगामी चुनाव को लेकर कई नेताओं की सक्रियता देखने को मिल रही है। संभावित दावेदार अपने-अपने स्तर पर क्षेत्र में जनसंपर्क बढ़ा रहे हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक अपनी बात पहुंचाने में जुटे हैं। ऐसे समय में प्रदेश अध्यक्ष से सीधे मुलाकात को स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
मुलाकात के दौरान फरीदपुर के सियासी समीकरणों और टिकट के दावेदारों को लेकर चर्चा होने की अटकलों ने भी स्थानीय नेताओं की धड़कन बढ़ा दी है। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल के किसी सदस्य ने टिकट को लेकर किसी व्यक्ति की दावेदारी या समर्थन को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल में पाल समाज, यादव समाज और मुस्लिम समाज से जुड़े फरीदपुर के नेता शामिल थे। इनमें ग्राम उलेहतापुर के मुनेशपाल सिंह पाल, अशोकपुर के सोबरन सिंह पाल, ग्राम कैरुआ निवासी समाजवादी मजदूर सभा के प्रदेश सचिव सचिन यादव, लाडपुर निवासी बीडीसी सदस्य सरबर खां और अन्य लोग शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल में पाल, यादव और मुस्लिम समाज से जुड़े नेताओं की मौजूदगी भी राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है। फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी समीकरणों में अलग-अलग सामाजिक समूहों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में इन समुदायों से जुड़े नेताओं का एक साथ प्रदेश अध्यक्ष से मिलना पार्टी के सामाजिक और चुनावी समीकरणों को लेकर भी संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के हालिया बरेली दौरे और उसके बाद प्रयागराज में हुई इस मुलाकात को जोड़कर देखें तो यह माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों से जमीनी फीडबैक जुटा रहा है। संभावित उम्मीदवारों की राजनीतिक सक्रियता, क्षेत्र में उनकी पकड़ और सामाजिक समीकरणों को लेकर प्रदेश नेतृत्व के स्तर पर चर्चा होना चुनाव से पहले सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
फरीदपुर में भी पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती मजबूत और सर्वस्वीकार्य उम्मीदवार के चयन की होगी। एक ओर पार्टी को अपने परंपरागत सामाजिक आधार को मजबूत रखना होगा, वहीं दूसरी ओर विभिन्न वर्गों को साथ लेकर चुनावी रणनीति तैयार करनी होगी। ऐसे में स्थानीय नेताओं की प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात का महत्व बढ़ जाता है।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि प्रयागराज में हुई बैठक का टिकट चयन पर कोई सीधा असर पड़ेगा। पार्टी नेतृत्व की ओर से भी किसी संभावित उम्मीदवार को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। लेकिन चुनावी माहौल बनने के साथ जिस तरह फरीदपुर के नेताओं की प्रदेश नेतृत्व के साथ मुलाकातें बढ़ रही हैं, उससे साफ है कि सीट को लेकर सपा के भीतर राजनीतिक मंथन शुरू हो चुका है।
फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में सपा की राजनीति को लेकर इस मुलाकात ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। खास बात यह है कि प्रतिनिधिमंडल में अलग-अलग सामाजिक समूहों के नेताओं की मौजूदगी रही। इससे यह भी संकेत मिल रहा है कि पार्टी के भीतर चुनाव से पहले सामाजिक समीकरणों को साधने की कवायद चल रही है।
फिलहाल प्रतिनिधिमंडल इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बता रहा है, लेकिन चुनावी राजनीति में प्रदेश अध्यक्ष से इस तरह की बैठक को केवल औपचारिक मुलाकात मानना आसान नहीं है। खासकर तब, जब इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष बरेली आ चुके हों और कुछ नेताओं से व्यक्तिगत बातचीत के बाद दोबारा मिलने के लिए कहा गया हो।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में फरीदपुर से जुड़े कौन-कौन से नेता प्रदेश नेतृत्व के संपर्क में आते हैं और पार्टी नेतृत्व टिकट के संभावित दावेदारों को लेकर क्या रणनीति अपनाता है। **प्रयागराज में हुई यह मुलाकात भले ही शिष्टाचार भेंट के रूप में सामने आई हो, लेकिन फरीदपुर की सियासत में इसने टिकट की दौड़ और संभावित चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है।




