नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी के पुराने दिग्गज और पूर्व सांसद एवं पूर्व मंत्री आजम खां की रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के विरोध में पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय सचिव वीरपाल सिंह यादव, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश महासचिव अता उर रहमान और पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार के नेतृत्व में सोमवार को बरेली के सपाई दिग्गज एकजुट नजर आए। वहीं महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी के नेतृत्व में पार्टी की महानगर की पूरी टीम और सभी पार्षद पूरे जोश के साथ हुंकार भरते नजर आए। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंप जिसमें जौहर विवि की इमारतों के ध्वस्तीकरण के नोटिस को तत्काल वापस लेने तथा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई।

बता दें कि दो दिन पूर्व आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश महासचिव अता उर रहमान ने कहा था कि सोमवार को पार्टी के नेता जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों को ध्वस्त करने को लेकर जारी नोटिस के विरोध में प्रदर्शन करेंगे और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपेंग। सोमवार को ज्ञापन सौंपने पहुंचे पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव और अता उर रहमान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विश्वविद्यालय में हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई तो हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में रुक जाएगी और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्हाेंने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र में असहमति की हर आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। पहले किसानों, नौजवानों और बेरोजगारों की आवाज दबाई गई, अब शिक्षा संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है। यह सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा है। समाजवादी पार्टी छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा संस्थानों की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक संघर्ष में अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहेगी। शिक्षा के अधिकार की संवैधानिक भावना के विपरीत यह कदम न केवल छात्रों के हितों पर कुठाराघात है बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी सीधा हमला है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार संविधान की भावना को कुचलकर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई का सबसे बड़ा नुकसान उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को होगा, जिन्होंने अपने सुनहरे भविष्य के सपने देखे हैं। सरकार को छात्रों की चिंता नहीं, बल्कि विपक्ष से राजनीतिक बदला लेने की चिंता है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला अपमान है और समाजवादी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ निर्णायक संघर्ष करेगी।
महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि भाजपा सरकार हर उस संस्था को निशाना बना रही है, जो उसकी राजनीतिक सोच से मेल नहीं खाती। यह कार्रवाई कानून के नाम पर बदले की राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण है। सरकार को छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है, उसे केवल राजनीतिक प्रतिशोध दिखाई देता है। यदि शिक्षा संस्थानों को बुलडोजर से डराया जाएगा तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत होगा। समाजवादी पार्टी इस तानाशाही मानसिकता का पुरजोर विरोध करती है।
विधायक शहज़िल इस्लाम ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय उनके सपनों पर बुलडोज़र चलाने में लगी हुई है। सरकार को अपनी दमनकारी नीति तुरंत वापस लेनी चाहिए। पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार ने कहा कि भाजपा सरकार विकास नहीं बल्कि विनाश की राजनीति कर रही है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे जिसमें जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव, पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन, शहर विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी राजेश अग्रवाल, डॉक्टर अनीस बेग, इंजीनियर अनीस अहमद खां, संजीव सक्सेना, अखलाक अहमद, महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा, रविंद्र यादव, अशोक यादव, पार्षद दल नेता गौरव सक्सेना, सरफराज वली खान, सुरेन्द्र सोनकर, चंद्रसेन सागर, शेर सिंह गंगवार, डॉ शफीकुद्दीन, राजेश मौर्या, तनवीर उल इस्लाम, प्रमोद यादव, शहर विधानसभा अध्यक्ष हसीव खान, कैंट विधानसभा अध्यक्ष हरिओम प्रजापति, शकील अहमद, इंद्रपाल सिंह, पार्षद मो. आरिफ कुरैशी, पार्षद शमीम अहमद, पार्षद अलीम सुल्तानी, पीयूष लोधी, जितेंद्र मुंडे, रामसेवक प्रजापति, राजेश गौड़, परवेज यार खां, शालिनी सिंह, भारती चौहान, महिला सभा जिलाध्यक्ष स्मिता यादव व महानगर अध्यक्ष गजल अंसारी, युवजन सभा महानगर अध्यक्ष दीपक यादव, छात्र सभा महानगर अध्यक्ष विक्रांत पाल, श्याम वीर यादव, अल्पसंख्यक सभा महानगर अध्यक्ष मोहसिन खान, बाबा साहब वाहिनी महानगर अध्यक्ष अमित गिहार, मजदूर सभा महानगर अध्यक्ष अशफाक चौधरी, रमीज हाशमी, अहमद खान टीटू, भानू प्रताप सिंह, गंगा सिंह यादव, नमित सिंह, शकील अहमद आदि थे।




