झारखण्ड

ऊपरघाट: 20 टन अवैध कोयला सहित 3 ट्रैक्टर जब्त

बोकारो थर्मल। रामचंद्र कुमार अंजाना
बेरमो अनुमंडल के उग्रवाद प्रभावित ऊपरघाट में बोकारो एसपी चंदन कुमार झा के गुप्त सूचना पर पेंक-नारायणपुर पुलिस ने शनिवार की रात छापामारी कर 20 टन अवैध कोयला सहित 3 ट्रैक्टर को जब्त किया हैं। पुलिस को देखकर धंधेबाज और तीनों ट्रैक्टरों के ड्राइवर अंधेरे और जंगल का लाभ उठाते हुए भागने में सफल रहे। इस कार्रवाई से धंधेबाजों में हड़कंप मच गया है। थाना प्रभारी सुधांशू श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना मिली थी कि पलामू के कडरूकटवा जंगल में कोयला के कारोबार तीन ट्रैक्टरों में कोयला लोड़कर बारीडीह जंगल में बना एक डीपू में डंप किया जा रहा है। उसी सूचना पर पुलिस की टीम बनाकर रात लगभग डेढ़ बजे पलामू-तेतरियाबेडा मुख्य पथ के पश्चिम साइड बड़कीकुड़ी मोरियाबांध जंगल में छापामारी की गयी। जिसमें लगभग 20 टन अवैध कोयला और तीन ट्रैक्टर को जब्त किया गया है। हांलाकि पुलिस को देखकर धंधेबाज फरार हो गए। इस अभियान में थाना प्रभारी सुधांशू श्रीवास्तव, पुअनि धन्नजय कुमार के अलावे सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। इस मामले में थाना कांड संख्या 12/2021 तहत धंधेबाज पोरदाग निवासी बिनोद महतो, पलामू निवासी महेश महतो के अलावे तीनों ट्रैक्टर के मालिक और चालक पर केस किया गया है।
बिनोद महतो और महेश महतो को पुलिस कर रही तलाश
छोटकीकुड़ी मोरियाबांध जंगल से जब्त 20 टन कोयला और तीन ट्रैक्टर मामले में पुलिस बिनोद महतो और महेश महतो को सरगर्मी से तलाश कर रहीं है। बताया जाता है कि बिनोद महतो और महेश महतो इस इलाके से बराबर ट्रैक्टरों से कोयला तस्करी करते आ रहें है। इससे पहले भी पेंक-नारायणपुर पुलिस कडरूकट्टा जंगल से सात ट्रैक्टर जब्त किए थे। जिसमें बिनोद महतो नामजद अभियुक्त है। इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस रात से ही उनके संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रहीं है।
9 जगहों में होती कोयले की अवैध खनन

बेरमो के बोकारो थर्मल, पेंक-नारायणपुर और गांधीनगर थाना क्षेत्र के चरकपनिया, सोतोपानी, ताराबेड़ा, तेतरियाबेड़ा, पिडराबेड़ा, सिझुवा खलार, चेडरा पत्थर व गोबिंदपुर तथा आरमो नदीधार के जंगलों में सुरंग बनाकर अवैध कोयला निकाली जाती है। यहां से बाइक, साइकिल और ट्रैक्टर के माध्यम से रात के अंधेरें में ऊपरघाट, बगोदर, गिरीडीह व डुमरी के फैक्ट्रियों में पहुंचाया जाता है। हर कार्रवाई के बाद कुछ दिनों के लिए कोयला की तस्करी रूक जाती है। फिर उसके बाद पूनाः चालू हो जाती है।

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