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बरेली के लाल ने किया कमाल, इंजीनियर पिता का बेटा बनेगा डॉक्टर, यथार्थ उपाध्याय ने NEET-2026 में हासिल किया 99.406 परसेंटाइल

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नीरज सिसौदिया, बरेली

प्रतिभा, मेहनत और सही मार्गदर्शन का संगम हो तो सफलता की ऊंचाइयों को छूना मुश्किल नहीं होता। बरेली के युवा यथार्थ उपाध्याय ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) में 99.406 परसेंटाइल हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी शानदार सफलता के बाद परिवार में खुशी का माहौल है और क्षेत्र के लोग भी उन्हें बधाई दे रहे हैं। यथार्थ के अंकों को देखते हुए उनका चयन किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ जैसे देश के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल संस्थानों में होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
यथार्थ के पिता बृजेश उपाध्याय पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और शुरू से ही उन्होंने बेटे को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। परिवार की शैक्षिक और सामाजिक पृष्ठभूमि का सकारात्मक प्रभाव भी यथार्थ की सफलता में साफ दिखाई देता है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने राजस्थान के कोटा स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट से मार्गदर्शन लिया।
यथार्थ की इस उपलब्धि से पूरा परिवार गौरवान्वित है। वह ऐसे परिवार से आते हैं, जिसकी सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में लंबे समय से पहचान रही है। उनके दादा मिठाई लाल उपाध्याय बरेली नगर निगम के गठन के बाद पहली बार पार्षद बनने वालों में शामिल थे। उन्होंने नगर निगम में नेता पार्षद दल की जिम्मेदारी भी निभाई। इसके साथ ही वे सीबीगंज इंटर कॉलेज में हिंदी के प्रवक्ता के रूप में भी लंबे समय तक शिक्षा जगत से जुड़े रहे। सामाजिक जीवन और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को आज भी क्षेत्र के लोग सम्मान के साथ याद करते हैं।
परिवार का कहना है कि यथार्थ बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे हैं। उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और निरंतर अभ्यास के दम पर यह सफलता हासिल की है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा जैसी कठिन प्रतियोगिता में 99.406 परसेंटाइल प्राप्त करना लाखों अभ्यर्थियों के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन माना जाता है। यही कारण है कि उनकी सफलता को लेकर रिश्तेदारों, मित्रों और क्षेत्र के लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
परिजनों का मानना है कि यथार्थ की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि बरेली के उन हजारों छात्रों के लिए भी प्रेरणा है जो डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया जा सकता है।
यथार्थ की सफलता पर परिवार के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि यह पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्हें विश्वास है कि यथार्थ आगे चलकर एक कुशल और संवेदनशील चिकित्सक बनेंगे तथा समाज की सेवा करेंगे। क्षेत्र के लोगों ने भी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसी सफलताएं युवाओं में सकारात्मक सोच और प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करती हैं।
बरेली में हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। इंजीनियरिंग, चिकित्सा और सिविल सेवा जैसी परीक्षाओं में जिले के छात्र अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। यथार्थ उपाध्याय की सफलता ने इस सूची में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि जोड़ दी है।
परिवार को अब अंतिम काउंसलिंग प्रक्रिया का इंतजार है। उत्कृष्ट परसेंटाइल को देखते हुए यथार्थ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ में एमबीबीएस सीट मिलने की पूरी संभावना मानी जा रही है। यदि ऐसा होता है तो यह न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे बरेली के लिए गर्व का विषय होगा।
यथार्थ उपाध्याय की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा, परिवार का सहयोग, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और लगातार मेहनत मिलकर किसी भी लक्ष्य को हासिल करने की राह आसान बना सकते हैं। उनकी सफलता आज बरेली के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

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