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फरीदपुर के छात्र आयुष रंजन से दिल्ली में कथित बदसलूकी के विरोध में उतरे पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सपा नेता चंद्रसेन सागर, छात्र के घर जाकर बढ़ाया मदद का हाथ, डराने आए दारोगा को भी दी नसीहत, एक साल की फीस देने का किया ऐलान, पढ़ें क्या है पूरा मामला?

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नीरज सिसौदिया, बरेली

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान फरीदपुर निवासी आयुष रंजन से कथित बदसलूकी और मारपीट के मामले के बीच फरीदपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार और पूर्व ब्लॉक प्रमुख चंद्रसेन सागर ने छात्र की मदद के लिए बड़ा ऐलान किया है। बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र आयुष की एक साल की फीस देने की घोषणा की है। उन्होंने छात्र के घर पहुंचकर डरा रहे दारोगा कोविनम्र रहने की नसीहत दी तो वह बैकफुट पर आ गया। **आयुष फरीदपुर का रहने वाला है और उसके पिता का निधन हो चुका है। वह एक निजी विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा है। **चंद्रसेन सागर** ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आर्थिक परेशानी के कारण आयुष की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

आयुष रंजन के घर पहुंचे चंद्रसेन सागर

छात्र से जुड़ा मामला सामने आने के बाद चंद्रसेन सागर ने आयुष रंजन से बातचीत कर उसे समझाया और उसका हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी घबराए हुए छात्र से सख्ती के बजाय प्यार और संवेदनशीलता के साथ बात करने की अपील की। चंद्रसेन सागर का कहना है कि छात्र का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी विवाद या घटना का असर उसकी पढ़ाई पर नहीं पड़ना चाहिए।

जंतर-मंतर जाते समय बदसलूकी का आरोप
मामला फरीदपुर की महादेव कॉलोनी निवासी करीब 20 वर्षीय आयुष रंजन और राहुल पाल से जुड़ा है। दोनों छात्रों ने आरोप लगाया है कि वे 23 जुलाई को दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने गए थे। दोनों ने रात एक गुरुद्वारे में बिताई थी।
आयुष के मुताबिक, 25 जुलाई की सुबह जब वह और राहुल जंतर-मंतर की ओर जा रहे थे, तभी एक कार उनके सामने आकर रुकी। आरोप है कि कार में सवार युवकों ने दोनों को रोक लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। आयुष का आरोप है कि युवकों में से एक ने अपना नाम सत्यम पंडित बताया और उसके साथ मारपीट भी की।
आयुष ने बताया कि घटना के समय आसपास पुलिस मौजूद थी, लेकिन उन्हें लगा कि उनकी शिकायत शायद नहीं सुनी जाएगी। इसी वजह से उन्होंने मौके पर तत्काल शिकायत नहीं की।
इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें कथित तौर पर एक व्यक्ति दो युवा प्रदर्शनकारियों से उनका नाम, पता और धर्म पूछता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में एक युवक को थप्पड़ मारने और गाली-गलौज करने की आवाज भी सुनाई देने का दावा किया गया है।

आयुष से मारपीट करने वाला आरोपी

चंद्रसेन सागर ने कहा- छात्र घबराया हुआ है, प्यार से समझाएं
घटना के बाद जब चंद्रसेन सागर आयुष रंजन को समझा रहे थे, उसी दौरान फरीदपुर थाने के कस्बा इंचार्ज जसबीर सिंह और सिपाही रवींद्र कश्यप भी वहां पहुंचे। चंद्रसेन सागर के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने शुरुआत में सख्त लहजे में छात्र से बातचीत की।
चंद्रसेन सागर ने पुलिसकर्मियों से कहा कि आयुष घटना के कारण घबराया हुआ है, इसलिए उससे सख्ती के बजाय प्यार से बात की जाए। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि उनके बच्चे जेएनयू में पढ़ते हैं। इस पर चंद्रसेन सागर ने कहा कि यह खुशी की बात है। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने भी छात्र को काफी प्यार से समझाया।
चंद्रसेन सागर ने कहा कि किसी भी घटना के बाद सबसे पहले पीड़ित छात्र का भरोसा जीतना जरूरी है। खासकर युवा अगर किसी परेशानी या विवाद में फंसता है तो उसके साथ संवेदनशील व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह लोगों के मन में कानून और व्यवस्था को लेकर भरोसा पैदा करे।

आयुष के पिता का हो चुका है निधन
आयुष रंजन के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए चंद्रसेन सागर ने उसकी मदद का ऐलान किया है। आयुष के पिता का निधन हो चुका है और वह वर्तमान में एक निजी विश्वविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। चंद्रसेन सागर ने घोषणा की है कि वह आयुष की एक साल की फीस श्री राम बक्स गोमती समाज कल्याण समिति की ओर से देंगे, ताकि छात्र की पढ़ाई आर्थिक परेशानी के कारण प्रभावित न हो।
उनके इस ऐलान को छात्र और उसके परिवार के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। चंद्रसेन सागर ने कहा कि राजनीतिक विचारधारा और आंदोलन अपनी जगह हैं, लेकिन किसी छात्र का भविष्य सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि आयुष जैसे युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए और आर्थिक परिस्थितियां उनकी शिक्षा के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए।

पुलिस ने कहा- छात्रों को कोई खतरा नहीं
फरीदपुर थाना प्रभारी राधेश्याम ने कहा कि आयुष रंजन और राहुल पाल को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने बताया कि इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। पुलिस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
वहीं, चंद्रसेन सागर ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अगर किसी व्यक्ति ने कानून अपने हाथ में लिया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार है।

आयुष रंजन

छात्रों के बीच सक्रियता बढ़ा रहे चंद्रसेन सागर

फरीदपुर विधानसभा सीट से सपा के टिकट के प्रबल दावेदार चंद्रसेन सागर की छात्र आयुष रंजन के मामले में सक्रियता स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी है। उन्होंने एक ओर जहां छात्र को भावनात्मक सहारा दिया, वहीं दूसरी ओर उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए एक साल की फीस देने का ऐलान कर यह संदेश देने की कोशिश की कि युवाओं की शिक्षा और भविष्य उनके लिए प्राथमिकता है।
चंद्रसेन सागर ने कहा कि युवाओं के मुद्दों को केवल राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। छात्र किसी भी विचारधारा या आंदोलन से जुड़े हों, उनका भविष्य सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुष के पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और ऐसे में उसकी पढ़ाई जारी रखने में मदद करना समाज की भी जिम्मेदारी है।
फरीदपुर के छात्र से जुड़ा यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है। एक तरफ विपक्ष इसे छात्रों के साथ कथित बदसलूकी और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सरकार को घेर रहा है, वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच की बात कह रही है। इस बीच चंद्रसेन सागर की ओर से आयुष रंजन की एक साल की फीस देने की घोषणा ने मामले को एक अलग मानवीय पहलू भी दे दिया है।

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