नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा के पूर्व सदस्य, बरेली के पूर्व जिला अध्यक्ष और वर्तमान राष्ट्रीय सचिव वीरपाल सिंह यादव ने गुरुवार को अपना 71वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर उनके आवास से लेकर शहर के विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों तक शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा रहा। दिनभर पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक केक व गुलदस्ते लेकर उनके आवास पहुंचते रहे। जन्मदिन के अवसर पर वीरपाल सिंह यादव के आवास पर राजनीतिक गतिविधियां पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रहीं। शाम को पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन की ओर से आयोजित पीडीए कार्यक्रम में भी उनका जन्मदिन पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। वहीं, रात करीब आठ बजे सपा के वरिष्ठ पार्षद और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राजेश अग्रवाल ने उनके आवास पर जाकर उनका मुंह मीठा कराया और उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।
सपा के वरिष्ठ नेता के जन्मदिन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बरेली की राजनीति में आज भी वीरपाल सिंह यादव का प्रभाव और स्वीकार्यता बरकरार है। पार्टी के युवा नेताओं से लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों तक सभी ने उन्हें शुभकामनाएं देकर उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की।

दोपहर करीब साढ़े बारह बजे फरीदपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार और दो बार के ब्लॉक प्रमुख रह चुके चंद्रसेन सागर विशेष रूप से वीरपाल सिंह यादव के आवास पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ नेता के साथ केक काटकर जन्मदिन मनाया और उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह केक अशोक यादव लेकर पहुंचे थे।
इस दौरान चंद्रसेन सागर ने वीरपाल सिंह यादव के लंबे राजनीतिक जीवन और संगठन के लिए उनके योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु होने की कामना की। जन्मदिन समारोह के दौरान आवास पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी तालियों के बीच उन्हें बधाई दी।
इस अवसर पर वीरपाल सिंह यादव के सुपुत्र और बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रमुख दावेदार डॉ. देवेंद्र यादव भी मौजूद रहे। उनके अलावा सपा के निवर्तमान जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव, मुनेन्द्र यादव, जमुना प्रसाद मौर्य सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए।

आवास पर पूरे दिन नेताओं और समर्थकों का आना-जाना लगा रहा। कोई केक लेकर पहुंचा तो कोई फूलों का गुलदस्ता लेकर। कई लोगों ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं, जबकि दूर-दराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फोन के माध्यम से जन्मदिन की बधाई दी।
जन्मदिन के अवसर पर वीरपाल सिंह यादव के आवास पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग समय पर पार्टी नेताओं और समर्थकों के पहुंचने का क्रम जारी रहा। हर समूह अपने साथ केक लेकर आया और वीरपाल सिंह यादव ने सभी के साथ मिलकर केक काटा।
कार्यकर्ताओं में अपने वरिष्ठ नेता से मिलने और उन्हें शुभकामनाएं देने का उत्साह साफ दिखाई दिया। कई युवा कार्यकर्ताओं ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनका आशीर्वाद लिया।
शाम को पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन की ओर से होटल डिप्लोमेट में आयोजित पीडीए कार्यक्रम में भी वीरपाल सिंह यादव का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया।

इस अवसर पर पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, उनकी पत्नी सुप्रिया ऐरन, समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने वीरपाल सिंह यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
बताया गया कि जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कार्यक्रम से पहले फोन पर भी वीरपाल सिंह यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं।
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कई वर्तमान पार्षद भी मौजूद रहे। इनमें बानखाना वार्ड के पार्षद शमीम अहमद, सलीम पटवारी, आरिफ कुरैशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
जन्मदिन के अवसर पर इंडिया टाइम 24 से विशेष बातचीत में वीरपाल सिंह यादव ने सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “आज मुझे जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने के लिए बड़ी संख्या में पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और शुभचिंतक आए। चंद्रसेन सागर विशेष रूप से केक लेकर मेरे आवास पहुंचे और जन्मदिन मनाया। पूरे दिन पार्टी के नेताओं का आना-जाना लगा रहा। सभी ने मुझे जो स्नेह और सम्मान दिया, उसके लिए मैं सभी का हृदय से आभारी हूं।”
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और साथियों का यह स्नेह उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है और यही उन्हें लगातार समाज और संगठन के लिए काम करने की प्रेरणा देता है।

वीरपाल सिंह यादव को बरेली की राजनीति में समाजवादी पार्टी के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। राजनीतिक हलकों में उन्हें अक्सर “बरेली की समाजवादी सियासत का पितामह” कहा जाता है।
उन्होंने लगभग ढाई दशक तक समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष के रूप में संगठन का नेतृत्व किया। यह वह दौर था जब पार्टी को जिले में मजबूत संगठनात्मक आधार देने और गांव-गांव तक विस्तार करने का श्रेय काफी हद तक उनके नेतृत्व को दिया जाता है।

उनके नेतृत्व में समाजवादी पार्टी ने जिले में कई चुनावी सफलताएं हासिल कीं और संगठनात्मक मजबूती का नया इतिहास लिखा। पार्टी के पुराने नेताओं का मानना है कि जिस दौर में सपा ने बरेली में अपनी मजबूत पहचान बनाई, उसमें वीरपाल सिंह यादव की रणनीति, संगठन क्षमता और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद सबसे बड़ी ताकत रहा।
वीरपाल सिंह यादव के जिला अध्यक्ष रहते हुए समाजवादी पार्टी ने जिले की विधानसभा सीटों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। उनके नेतृत्व में पार्टी ने जितनी सीटों पर जीत दर्ज की, वह रिकॉर्ड आज भी कायम है। बाद के किसी भी जिला अध्यक्ष के कार्यकाल में उस उपलब्धि को दोहराया नहीं जा सका।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की उनकी कार्यशैली ने समाजवादी पार्टी को बरेली में मजबूत आधार प्रदान किया।
समाजवादी पार्टी के वर्तमान नेतृत्व में सक्रिय अधिकांश बड़े नेताओं ने किसी न किसी रूप में वीरपाल सिंह यादव के साथ काम किया है। पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी खुले तौर पर स्वीकार करते हैं कि उन्होंने संगठन और राजनीति के कई महत्वपूर्ण गुर वीरपाल सिंह यादव से ही सीखे हैं।
मौजूदा जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव समेत अनेक नेताओं का राजनीतिक प्रशिक्षण भी उनके नेतृत्व में हुआ। यही वजह है कि संगठन में आज भी उन्हें अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है और महत्वपूर्ण राजनीतिक विषयों पर उनकी राय को गंभीरता से लिया जाता है।

वीरपाल सिंह यादव का 71वां जन्मदिन केवल एक व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाजवादी पार्टी के भीतर संगठनात्मक एकजुटता का भी संदेश दिया। एक ही दिन में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के दावेदार, वर्तमान पदाधिकारी, पूर्व सांसद, पार्षद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं का एक मंच पर जुटना यह दर्शाता है कि वरिष्ठ नेता के प्रति संगठन में आज भी व्यापक सम्मान कायम है।
बरेली की राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसने यह स्पष्ट किया कि सक्रिय चुनावी राजनीति से कुछ दूरी के बावजूद वीरपाल सिंह यादव का संगठनात्मक कद और राजनीतिक प्रभाव आज भी बरकरार है। उनके आवास पर सुबह से शाम तक लगा नेताओं का जमावड़ा और बाद में पीडीए जनसंवाद कार्यक्रम में हुआ सार्वजनिक सम्मान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी में उन्हें आज भी मार्गदर्शक और सर्वमान्य वरिष्ठ नेता के रूप में देखा जाता है।




