यूपी

फरीदपुर विधानसभा सीट : जब ब्रह्म स्वरूप सागर आएंगे तो ‘हाथी’ वाले भी ‘साइकिल’ चलाएंगे, गांवों में तैयार हो रही ब्रह्म स्वरूप की चुनावी फसल, पढ़ें क्या हैं समीकरण?

नीरज सिसौदिया, बरेली

बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सुरक्षित सीट पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला प्रवक्ता ब्रह्म स्वरूप सागर की एंट्री से सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं. गांव की पगडंडियों के रास्ते विधानसभा की सीढ़ियां चढ़ने की तैयारी कर रहे ब्रह्म स्वरूप सागर की चुनावी फसल ग्रामीण इलाकों में लहलहाती नजर आ रही है. वर्तमान और पूर्व विधायकों के प्रति नाराजगी ब्रह्म स्वरूप सागर के लिए वरदान साबित हो रही है. अब तक संगठन की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले ब्रह्म स्वरूप सागर जब चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी करने लगे तो समाजवादी पार्टी ही नहीं बहुजन समाज पार्टी के उनके पुराने साथी भी एक्शन मोड में आ गए. हैरानी तब हुई जब लोकदल के समय ब्रह्म स्वरूप सागर के साथ संगठन के प्रति समर्पण भाव से काम करने वाले उनके साथी भी नए उत्साह से भर गए. ‘हाथी’ के साथियों का स्पष्ट रूप से कहना था कि अगर पार्टी ब्रह्म स्वरूप सागर को टिकट देती है तो वे सभी हाथी की सवारी छोड़कर साइकिल की रफ्तार बढ़ाने में जी-जान से जुट जाएंगे.


दरअसल, ब्रह्म स्वरूप सागर इन दिनों फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले ग्रामीण इलाकों का दौरा कर वर्तमान विधायक की नाकामियों का पुलिंदा इकट्ठा कर रहे हैं ताकि आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान उस पुलिंदे को जनता के सामने रखा जा सके.

फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग चार सौ गांव पड़ते हैं जिनमें से करीब दो सौ गांवों का दौरा ब्रह्म स्वरूप सागर कर चुके हैं. ये वही गांव हैं जहां कभी बहुजन समाज पार्टी के लिए ब्रह्म स्वरूप सागर चुनावी सभाएं और जनसंपर्क किया करते थे. यही वजह है कि इन गांवों के लिए ब्रह्म स्वरूप का चेहरा नया नहीं है. संगठन की राजनीति के दौरान इन गांवों के लोगों के बीच ब्रह्म स्वरूप सागर इस तरह रम गए कि लोग उन्हें नेता न मानकर अपने बीच का ही आदमी मानने लगे. अब जब अपने बीच का इंसान विधायक पद की दौड़ में शामिल हो गया तो पार्टी बाजी से ऊपर उठ कर ग्रामीण अपने नेता को जिताने के लिए हर संभव प्रयास करने में जुट गए हैं. अब तक चुनाव से दूर रहने वाले ब्रह्म स्वरूप सागर विवादों से भी दूर ही हैं. उनकी साफ सुथरी छवि लोगों को भा रही है. वह जिस गांव में भी जाते हैं वहां के लोग अपना दर्द का पिटारा खोल कर बैठ जाते हैं और एक ही बात कहते हैं, “भैया अबकी तुम्हें ही लड़इहैं, पार्टी टिकट दइ दै तो हम बहनजी का बोट न डरिहैं.”

गांव शिवपुरी के लोगों से समस्याओं की जानकारी लेते ब्रह्म स्वरूप सागर


मंगलवार को जब ब्रह्म स्वरूप सागर ने गांव शिवपुरी, रधौली कलां, खनी नवादा, इटौरिया आदि का दौरा किया तो वहां भी लोगों ने पूरे जोर-शोर से न सिर्फ ब्रह्म स्वरूप सागर का स्वागत किया बल्कि उन्हें सिर-आंखों पर बैठाया. इस दौरान ब्रह्म स्वरूप सागर की मुलाकात उन लोगों से भी हुई जो कभी लोकदल और जनता दल के समय ब्रह्म स्वरूप सागर के साथी हुआ करते थे. दिलचस्प बात यह रही कि ब्रह्म स्वरूप सागर के स्वागत में सिर्फ दलित समाज के ही नहीं यादव और ब्राह्मण समाज के लोग भी खड़े नजर आए. गांव खनी नवादा में जिस तरह से ब्राह्मण समाज के लोग भी ब्रह्म स्वरूप सागर का हौसला बढ़ाते नजर आए उससे यह तो स्पष्ट हो गया कि ब्रह्म स्वरूप सागर सिर्फ दलितों में ही नहीं बल्कि अन्य समाज के लोगों में भी लोकप्रिय हैं. अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो फरीदपुर की सीट जीतना भाजपा के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है.

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