नीरज सिसौदिया, बरेली कोरोना काल ने न जाने कितने बेबसों की जिंदगियां निगल लीं. जाने कितनों की मांग का सिंदूर उजड़ गया और न जाने कितने ही परिवार उजड़ गए. कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जिनके सिर से मां-बाप का साया भी उठ गया. डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले ऐसे ही बेबसों की मदद […]
Author: Neeraj Jogi
प्रमोद पारवाला की कविताएं : कलमवीर
जान हथेली पर रखकर भी, जो तिनका- तिनका बीनते हैं। सत्य के उजाले मे ही वे, झूठ का मुखौटा छीनते है। अपनी खबर नहीं है उनको, दुनिया की खबरें बुनते हैं। पाताल लोक मे भी जाकर, खबरों के मोती चुनते हैं। हम एक धुरी पर बैठे ही, दुनिया की सब खबरें पाते। अगर न होते […]
कोरोना से दिवंगत हुए पत्रकार के परिजनों को मिले सरकारी सहायता
नीरज सिसौदिया, बरेली भारतीय पत्रकारिता संस्थान और मानव सेवा क्लब के संयुक्त तत्वावधान में पत्रकारिता दिवस पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया जिसका विषय “आपदाकाल में पत्रकारिता” रखा गया। अध्यक्षता शहर के वरिष्ठ पत्रकार राकेश मथुरिया ने की। वरिष्ठ पत्रकार और उपजा प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ.पवन सक्सेना ने कहा कि आज न केवल […]
बिहारीपुर खत्रियान में पुलिस का छापा, 12 पेटी चाइनीज मांझे के साथ पकड़ा गया आनंद कक्कड़, थाने में चल रहा खेल, मेयर बोले-जूतों से मारना चाहिए लोगों की जान से खेलने वालों को, पढ़ें पूरा मामला?
नीरज सिसौदिया, बरेली चाइनीज मांझे के कारण पिछले दिनों आईवीआरआई पुल पर एक कारोबारी की नाक कटने के बाद हरकत में आई पुलिस ने आज दोपहर बिहारीपुर खत्रियान में छापेमारी कर 12 पेटी चाइनीज मांझा जब्त किया है. साथ ही आरोपी दुकानदार आनंद कक्कड़ उर्फ बब्बू जी को पकड़कर थाने ले गई है. आरोपी भाजपा […]
कोनार नदी बहे किसान का शव दामोदर नदी में मिला
बोकारो थर्मल। कुमार अभिनंदन बेरमो प्रखंड के बोडैया पंचायत के किसान नारायण महतो का शव रविवार को फुसरो के घुुठियांटांड स्थित दामोदर नदी में मिला। किसान नारायण महतो शनिवार को स्थानीय कोनार नदी में बैलों को पार करने के दौरान पानी के तेज बहाव में बह गया था। नदी में मछली मार रहें ग्रामीणों ने […]
जज्बा : जान हथेली पर रखकर एक साल से लगातार कोरोना जांच कैंप लगवा रहे दो पार्षद, समाजसेवी डंग भी जुटे हैं पहले दिन से
नीरज सिसौदिया, बरेली कोरोना महामारी ने हजारों जिंदगियां निगल लीं. किसी के सिर से मां-बाप का साया उठ गया तो किसी की गोद सूनी हो गई. मौत के खौफ ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया. मौत की महामारी ने मंत्री और विधायकों को भी निगल लिया. कई पार्षद और समाजसेवी […]
30 मई पत्रकारिता दिवस पर विशेष : पत्रकारों के सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं निर्भय सक्सेना
संजीव कुमार शर्मा गंभीर, बरेली वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना को बरेली ही नहीं बल्कि देश और प्रदेश की पत्रकारिता में कौन नहीं जानता होगा। बरेली के लोग शायद यह नहीं जानते होंगे कि नावल्टी चौराहे के पास सिंघल लाइब्रेरी के ठीक बराबर में छत पर जिस ‘यू. पी. जर्नलिस्ट एसोसिएशन’ के ‘उपजा प्रेस क्लब’ की […]
30 मई हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विशेष : राष्ट्रीय चेतना को जगाने के लिए शुरू हुआ हिंदी पत्रकारिता का सफर
हिन्दी पत्रकारिता की कहानी भारतीय राष्ट्रीयता की कहानी है। हिन्दी पत्रकारिता के आदि उन्नायक जातीय चेतना, युगबोध और अपने दायित्व के प्रति पूर्ण सचेत थे। इसलिए विदेशी सरकार की दमन-नीति का उन्हें शिकार होना पड़ा था, उसके नृशंस व्यवहार की यातना झेलनी पड़ी थी। उन्नीसवीं शताब्दी में हिन्दी गद्य-निर्माण की चेष्टा और हिन्दी-प्रचार आन्दोलन अत्यन्त […]
30 मई हिन्दी पत्रकारिता दिवस : सत्य को प्रकाशित करने के लिए मोमबत्ती की तरह जलता है पत्रकार
हिन्दी पत्रकारिता की कहानी, भारतीय राष्ट्रीयता की कहानी है। हिन्दी पत्रकारिता के उन्नायक अपने राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति पूरी तरह से सजग और सचेत थे। पत्रकारिता उनके लिए एक मिशन थी, महज प्रोफेशन नहीं। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में उच्च मानदण्डों को स्थापित किया। परिस्थितियाँ कितनी भी विषम और जटिल क्यों न रही हों उन्होंने […]
हमारे भारतीय त्योहार केवल पर्व ही नहीं संबधों की प्रगाढ़ता का सुअवसर भी हैं
होली ,दीवाली, दशहरा,रक्षा बंधन, दुर्गा पूजा,नवरात्रि,लोहड़ी व अन्य केवल रंगों के खेलने व आतिशबाजी व अन्य बातों के त्यौहार ही नहीं है,अपितु दिलों का रंगना,मिलना इसमें परम आवश्यक है।रंगों के बहने के साथ ही मन का मैल बहना भी बहुत आवश्यक है ,तभी होली की सार्थकता है।और दीपावली पर जाकर मिलना ,उनके हाथ से मीठा […]










