सुधीर राघव पंडित तोताराम मंडी की ओर जा रहे थे. शहर-कस्बों में तो रोज मंडी लगती है. गांवों में लोग साप्ताहिक और पाक्षिक मंडी जाते हैं. पंडित तोताराम जिस मंडी में जा रहे थे, वह तो पूरे पांच साल बाद लगी थी. इसलिए इस मंडी को लेकर उत्साह बहुत ज्यादा था. पंडिताइन के लाख मना […]
विचार
व्यंग्य : गोभी और गधे का प्रेम…
विद्वानों ने कहा है, एक बरस के मौसम चार! जो इनसे भी बड़े विद्वान हैं, वे पांचवां मौसम प्यार को मानते हैं. प्रेम करने वाले प्रेमी प्रेमिका कहलाते हैं. उनके किस्से मशहूर होते हैं. प्रेम हमेशा प्रेमी-प्रेमिका में ही माना जाता है, मियां-बीवी का प्यार मान्यता प्राप्त प्रेम नहीं है. पति-पत्नी का प्रेम बाकी समाज […]









