हाय मतलब यहाँ सिद्ध जिसका हुआ, आज घोड़े वही बेचकर सो रहा और उल्लू बनाया गया हो जिसे, बैठकर बेबसी में बहुत रो रहा। आदमी का न कोई भरोसा रहा, क्या पता कौन कब खोपड़ी फोड़ दे और पीड़ित न पैसा करे खर्च तो, फिर पुलिस भी उसे अब नया मोड़ दे हाय घटना बदलकर […]
विचार
कोरोना कब रोक सकेगा …
रोज़ बढे़ंगे- रोज़ बढ़ेंगे, हम अविराम- हम अविराम. प्राप्त करेंगे- प्राप्त करेंगे, सब परिणाम- सब परिणाम. इस अदृश्य ताकत से भी हम, टकरायेंगे जी भरकर. निकट समय में खुशी पताका, फहरायेंगे जी भरकर. साथ सहेंगे- साथ सहेंगे, हर अंजाम- हर अंजाम. प्राप्त करेंगे… मानव ने कर्मठता- बल पर, काम अनोखे कर डाले. दानव सी बीमारी […]







