अब लौट चलें, प्रकृति की गोद में। आ अब लौट चलें प्रकृति की गोद में। उसी शुद्ध स्वच्छ शीतल अमोद प्रमोद में।। वरदायिनी धरती माँ की सेवा का लें प्रसाद। संकट ही संकट पाया है प्रकृति के विरोध में।। यह आपदा तो बहुत बड़ी सीखा कर जायेगी। कैसी हो जीवन शैली ये दिखा कर बतायेगी।। […]








