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अब लौट चलें, प्रकृति की गोद में।

अब लौट चलें, प्रकृति की गोद में। आ अब लौट चलें प्रकृति की गोद में। उसी शुद्ध स्वच्छ शीतल अमोद प्रमोद में।। वरदायिनी धरती माँ की सेवा का लें प्रसाद। संकट ही संकट पाया है प्रकृति के विरोध में।। यह आपदा तो बहुत बड़ी सीखा कर जायेगी। कैसी हो जीवन शैली ये दिखा कर बतायेगी।। […]

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बनो बीज कि दब गये तो फिर उग जायो तुम।

बनो बीज कि दब गये तो फिर उग जायो तुम। दब गये मिट्टी में फिर भी बीज से उग आओ तुम। गिर गये फिर भी संभल कर उठ जाओ तुम।। बनो कोई ऐसी इक नायाब सी तस्वीर तुम। मिट जायो फिर वैसी तासीर जाकर लाओ तुम।। आदमी खोकर भी जरूर कुछ सीखता है। व्यक्ति मुसीबत […]

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जिन्दगी रोज़ इक नया इम्तिहान लेती है।

हिम्मत से हारना ,पर हिम्मत कभी मत हारना जिन्दगी रोज़ इक नया इम्तिहान लेती है। दो परीक्षा तो सफल परिणाम देती है।। परिश्रम का ईनाम यहां मिलता है जरूर। जीत सको तुम तो जमीं आसमान देती है।। अतीत को बदलना नहीं आज सुधार करना है। बीते की चिंता नहीं आगे की पुकार करना है।। परलोक […]

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माँ, बहन, बेटी,पत्नी नारी ,तेरे रूप हैं अनेक

माँ से ही सवेरा और माँ से ही होती रात है। माँ की ममता प्यार अनमोल सौगात है।। माँ पास में तो हैँ खुशी दुनिया जहान की। माँ का स्पर्श सुखद मानो प्रथम किरण प्रभात है।। बेटियाँ ही तो हर दम माँ बाप पर प्यार लुटाती हैं। बेटियाँ एक नहीं दो वंशों का उद्धार कराती […]

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प्रेषित हैं आपके लिए गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

बधाई बधाई 73 वें गणतंत्र दिवस की आपको। अमर भारत महान संविधान रचित की आपको।। यह नव दिवस नव प्रकाश आपकोआलोकित करे। बधाई जन्म स्थली भारत मातृ भूमि की आपको।। दिव्यभव्य दिवस की आपको बहुत बहुत शुभकामना। राष्ट्र को करना न पड़े किसी संकट से सामना।। तिरंगे की आन बान शान का यह दिन 26 […]

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राख में भी चिंगारी ढूंढ लायो, यही जीत की रीत है…

हालात खराब हों तो भी समझदारी दिखलाइये। रास्ते में हों पत्थर तो आप जोर से हटाइये।। हार हो सामने तो भी हार को मानना नहीं। कोशिश करके राख में से चिंगारी ढूंढ लाइये।। डूबते को तिनका किनारा बन जाता है। तेरी सोच से तू खुद अपना सहारा बन जाता है।। कपड़ों में नहीं किरदार से […]

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हिंदी हिन्द की बन चुकी पहचान है…

सरल सहज सुगम भाषा वह बोली हिंदी है। सौम्य और सुबोध आशा वह बोली हिंदी है।। आत्मीय अभिव्यक्ति है हिंदी के प्राण। सुंदर और सभ्य परिभाषा वह बोली हिंदी है।। संस्कृति संस्कार की जो एक फुलवारी है। हिंदी बहुत मधुर भाषा जो जग से न्यारी है।। भारत की लाडली और वीरता की गौरवगाथा। हिंदी ह्रदय […]

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मत हार फिर रोशन सबेरा होगा…

मत हार फिर रोशन सबेरा होगा। वैसा ही फिर सुखों का डेरा होगा।। सुख दुःख तो धूप छाँव की तरह। अब नहीं इन दुःखो का घेरा होगा।। मेहनत से बस मुँह तू मत मोड़ना। देखना नहीं भाग्य का फेरा होगा।। जरा अपने दम कुछ कर दिखायो। कहेगा हर कोई कि तू मेरा होगा।। *हंस* बस […]

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माँ, बहन, बेटी, पत्नी नारी तेरे रूप अनेक…

माँ से ही सवेरा और माँ से ही रात है। माँ की ममता प्यार अनमोल सौगात है।। माँ पास में तो है खुशी दुनिया जहान की। माँ का स्पर्श सुखद मानो प्रथम किरण प्रभात है।। बेटियाँ ही हैं जो हर दम माँबाप पे प्यार लुटाती हैं। बेटियाँ एक नहीं दो वंशों का उद्धार कराती हैं।। […]

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हर लफ्ज़ बने मशाल, वह फरमान लिखना…

जो मन खुश कर सके हमेशा वो सकून लिखना। जो गिरा दे दीवार भेदभाव की वो कानून लिखना।। मुरझाए न किसी चेहरे की रोशनी और रौनक। कलम से हमेशा ऐसा जज्बा जोशो जनून लिखना।। पहले इंसान बन कर फिर तुम कलमकार बनना। अपने से छोटे बड़ों दोनों के लिए सरोकार बनना।। लिखना ही काफी नहीं […]