जीती रहो जीतती रहो देश की बेटी हो तुम। हर कांटा बीनती रहो देश की बेटी हो तुम।। तुम से ही आस तुम से ही भविष्य देश का। काम नया सीखती रहो देश की बेटी हो तुम।। तुम से सुशोभित है हर क्षेत्र देश का आज। तुम से निर्मित हो रहा हर कोई देश का […]
निर्भय सक्सेना भारतीय सेना ने बयान में कहा- तनातनी के बाद भी एलएसी की यथास्थिति में कोई बदलाव नहीं आया — निर्भय सक्सेना — अब नए भारत की सर्वत्र बढ़ती ताकत का अंदाजा चीन को भी होने लगा है। यही कारण है कि अपनी कुटिल चालबाजी से भारत को घेरने में अब उसकी कोई चाल […]
निर्भय सक्सेना देश में टीकाकरण का आंकड़ा 50 करोड़ के पार, कोविड नियम पालन और सावधानी जरूरी — निर्भय सक्सेना — भारत मे भी कोरोना के डेल्टा वेरियंट की दस्तक ने सरकार के साथ ही नागरिकों में भी इसको लेकर चिंता जताई जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक के अनुसार भारत सहित 100 […]
किसी के अंधेरे में चिराग बन कर देखिए। किसी की आँखों का ख्वाब बन कर देखिए।। दर्द दूसरों का भी अपना कर जरा देखो। किसी हारते हुए का लगाव बन कर देखिए।। गिरते हुए को जरा संभाल कर तुम देखो। अपनी नज़र के जरा पार भी तुम देखो।। हाथ बढ़ाओगे तो आँसुयों में मुस्कान मिलेगी। […]
I was stuck in the depths of a dark, empty well With no-one to throw a rope All of that seemed like hell Because every brick was made of guilt and self-loath I requested people to excuse me When I could not adjust With that atmosphere Because I had no-one to trust I was surrounded […]
आशा की एक भी किरन जहाँ, न देख पाती हूँ मैं जानती हूँ लोगों की माफी भी निकाल न सकेगी मुझे , एक एक सीढी बनी है मेरे अपराध बोध से। अंधेरों से घिरी देखती हूँ अपने अंत को करीब से, सोचती हूँ नहीं जीत सकती मैं अपने नसीब से। पर नहीं गलत हूँ मैं, […]
अभी भी छूने को ऊपर ऊंचा आसमान है। एक वरिष्ठ नागरिक का अनुभव महान है।। सेवानिवृत्ति तो अंत नहीं है इस जीवन का। इसके बाद भी बहुत काम पहचान सम्मान है।। हर वरिष्ठ नागरिक अनुभव की खान होता है। अपने में ज्ञान समेटे एक वरदान होता है।। समाज का होता है वह एक पथ प्रदर्शक। […]
मैं एक कलम का सिपाही हूँ।। मैं राजनीति का मंच हूँ। मैं लिये व्यंग का तंज हूँ। मैं विरोधी पर पंच हूँ।। मैं एक कलम का सिपाही हूँ।। मैं भूख का निवाला हूँ। मैं मंदिर ओ शिवाला हूँ। मैं देश का रखवाला हूँ।। मैं एक कलम का सिपाही हूँ।। मैं सबकी सुनता कहता हूँ। नहीं […]
गिर कर चट्टानों से पानी और तेज होता है। वही जीतता जो उम्मीदों से लबरेज होता है।। गुजर कर संघर्षों से व्यक्ति और है मजबूत बनता। भागता और तेज जब नीचे कांटों का सेज होता है।। दीपक के तले सदा अंधेरा ही रहता है। पर खुद जलकर उससे रोशन सबेरा बहता है।। मुश्किलों में ही […]
जीवन खेल जीवन चुनौती है कठिन रेल जीवन गर्व जीवन संघर्ष है न कर दर्प जिंदगी एक अनुभव अनेक नया हरेक न हो पहेली जीवन बने ऐसे बने सहेली ये सुख भी है जीवन धूप छाँव ये दुःख भी है जीवन कर्म निरंतर चले ये जीवन श्रम हार न हार कोशिश जारी रहे जीत स्वीकार […]