‘मेरे पुख्ता इरादे खुद मेरी तकदीर बदलेंगे मैं मोहताज नहीं हाथों में किस्मरत की लकीरों का…’ कुछ ऐसी ही दास्तान है बरेली के मेयर डा. उमेश गौतम की। एक दौर था जब मेयर के पास अपना घर तक नहीं था। इंस्पेक्टर पिता से विरासत में उन्हें सिर्फ हालातों से लड़ने का हुनर और कुछ कर […]
इंटरव्यू
साहित्य की बात : रोम-रोम में बसी थी कविता पर बच्चों को देती थीं शिक्षा, हर विधा में लिखने में माहिर, नाम है शिवरक्षा
रुहेलखंड में एक से बढ़कर एक प्रतिभाएं हैं जो वैश्विक पटल पर अपनी पहचान तो नहीं बना पाए लेकिन अपनी अनमोल रचनाओं से रुहेलखंड के साहित्य को समृद्ध बनाने में अतुलनीय योगदान दिया. कुछ ऐसी ही शख्सियत है बेहतरीन कवयित्री शिवरक्षा पांडेय की. पेशे से शिक्षिका रहीं शिवरक्षा लेखन की हर विधा में पारंगत हैं. […]
साहित्य की बात : युवाओं के लिए प्रेरणा हैं साहित्य के गुरु जितेंद्र कमल आनंद
ख्याति प्राप्त साहित्यकार जितेन्द्र कमल आनंद गुरु जी का जन्म वर्ष अगस्त ,1951 में मोहल्ला भूड़, बरेली में पिताश्री शमशेर बहादुर सक्सेना एवं माताश्री शकुंतला देवी सक्सेना के संभ्रांत परिवार में हुआ। अपनी शिक्षा पूरी करने के उपरांत आप विद्या मंदिर इण्टर कालेज (रामपुर ) से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। आपकी […]










