नीरज सिसौदिया, बरेली जिंदगी ने हर कदम पर उसकी अग्निपरीक्षा ली पर उसने भी हिम्मत नहीं हारी. वह महज 17 साल की थी जब बॉम्ब ब्लास्ट में उसने अपने माता-पिता और एक भाई को हमेशा के लिए खो दिया था. 17 साल की उस बेबस मासूम के सिर पर छोटे भाई की जिम्मेदारी का बोझ […]
इंटरव्यू
साहित्य की बात : अपनेे गीतों की तरह सहज और सरल है साहित्य का यह स्वर, नाम है मधुकर, पढ़ें पूरा सफर, परिवार से भी मिलिये
डा. महेश मधुकर रूहेलखंड के साहित्य जगत का जाना पहचाना नाम हैं. हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं में महारथ हासिल कर चुके डा. मधुकर युवा साहित्यकारों के आदर्श और प्रेरणा स्रोत भी हैं. उनकी रचनाएं हिन्दी साहित्य की अनुपम कृतियों में शुमार हैं. अपने सस्वर काव्य पाठ के लिए उन्हें जाने कितने सम्मानों से नवाजा […]








