विचारों से ही कर्म का निर्माण होता है। कर्म से ही परिणाम का भान होता है।। विचार श्रेष्ठता बहुत जरूरी है जीवन में। कर्मानुसार ही उत्पन्न जीवन ज्ञान होता है।। कामयाबी चाहिये संघर्ष से घबराना नहीं। सफलता के लिये धूप से दूर जाना नहीं।। छाँव मिलते ही तो कदम ठहर जाते हैं। कदापि विश्वास को […]
विचार
प्रमोद पारवाला की कविताएं : “वीरांगना’
रानी लक्ष्मी बाई की पुण्यतिथि पर विशेष “मणिकर्णिका’था नाम उसका, वह”मोरोपंत’ की बेटी थी । युद्ध कौशल, निशानेबाजी, घुड़सवारी की चहेती थी। मर्दानी सी रहती थी वह, मर्दों जैसा ही शौर्य था। प्रजा के लिए उसके उर मे, अद्भुत प्रेम वा औदार्य था। “गंगाधर’ से ब्याह हुआ था, झांसी की रानी बन आई। “लक्ष्मीबाई’ था […]







