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मुझे रखकर छांव में, खुद तपते रहे धूप में, मैंने देखा एक फरिश्ता, अपने पिता के रूप में’

डॉ. कामिनी वर्मा मुझे रखकर छांव में, खुद तपते रहे धूप में, मैंने देखा एक फरिश्ता , अपने पिता के रूप में’ पिता शब्द जेहन में आते ही उस सुरक्षात्मक घेरे की सुखद अनुभूति होती है जिसकी परिधि में आकर संतान हर प्रकार की कठिनाईयों व झंझावातों से मुक्ति प्राप्त करती है । संतान का […]

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प्रज्ञा यादव की कविताएं : ‘ट्विंकल की आखिरी आवाज’

माँ बहुत दर्द सह कर बहुत दर्द देकर तुझसे कुछ कह कर मैं जा रही हूँ आज मेरी विदाई पर जब सहेलिया मिलने आयेगी सफ़ेद जोड़े में लिपटी देख सिसक सिसक कर मर जायेगी लड़की होने का खुद पर वो अफ़सोस जताएगी माँ तू उन्हें इतना कह देना दरिंदो की दुनिया में संभल कर रहना […]

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निष्ठा शर्मा की कविताएं-2, आखिर क्यों बड़ी हो जाती हैं बेटियां?

आखिर क्यों बड़ी हो जाती हैं बेटियां ये तो होती हैं दीपक की बातियां बुझ जाएं तो वापस नहीं मिलतीं फिर अंगने में मुस्कुराहट नहीं खिलती पता नहीं उसके बिन रातें कैसे ढलतीं दिल है मेरा पता नहीं उस बिन धड़कन कैसे चलती इन्हें ले जाता है कोई पराया नहीं मिल पाती इनको मां-बाप की […]

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निष्ठा शर्मा की कविताएं-1, ‘छोटी सी परी’

बाबा मैं छोटी सी परी कल को हो जाउंगी बड़ी बन जाउंगी पराया ये मुझे लोगों ने चिढ़ाया बाबा आज खेलने दो मुझे कल को छोड़ जाना है तुझे बाबा कल को बदल जायेगी मेरे जीवन की नौका जब मुझको ले जाएगा एक हवा का झोंका मैं नन्ही सी चिड़िया, उड़ जाऊंगी एक दिन पता […]

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डॉ. दीपा शुक्ला की कविताएं -1 ‘मेरा रुदन, तुम्हारी हँसी’

मेरे जीवन के अंधियारे पथ पर चलते हुए मेरी बदहाली में , मेरी फटेहाली में, मेरी फ़टी हुई जूतियों में ठुकी हुई कील जब मेरे पाँव को करती घायल तो , अनायास ही बिखरती मुस्कान तुम्हारे चेहरे पर और तुम्हारी दूध जैसी श्वेत दन्त पंक्ति मुझे मेरे जीवन के अंधेरे में आगे बढ़ने का रास्ता […]

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माँ की दुआओं में ही दुनिया की सारी दौलत

भदोही से डॉ. कामिनी वर्मा ईश्वर हर किसी के पास नहीं पहुँच पाया होगा, शायद इसीलिए अपनी प्रतिकृति माँ के रूप में पृथ्वी पर भेज दी। माँ संतान के लिए ईश्वर का अद्वितीय उपहार है। माँ की दुआओं में दुनिया की सारी दौलत है , माँ भाव है, दुलार है , ममता का लहराता सागर […]

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डॉ. अम्बेडकर सदैव नारी उत्थान के लिए प्रयासरत रहे, पढ़ें भदोही से डॉ कामिनी वर्मा का विशेष लेेेख… 

समाज से अन्याय और असमानता समाप्त करने के लिए सतत संघर्षरत डॉ भीम राव अम्बेडकर का नाम भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है ।स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के अभाव मे आदर्शसमाज स्थापित नही हो सकता।पितृ सत्ता प्रधान भारतीय समाज मे नारी की स्थिति या तो देवी की रही है या दानवी की । […]

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प्रज्ञा यादव की कविताएं -10, ‘अदब’

किसी ने खूब पूछा कि अदब भी एक कला है। .. सच है पर उसे निभा ले जाने वाला भी बड़ा कलाकार है। ऐसे ही कुछ सवाल …. अदब से झुकना फितरत है हमारी तो बेशक इसे मुकम्मल करते रहें लोग जहाँ में खुदा बने तो बनते रहें हम कौन सी खुदाई साथ ले जायेंगे […]

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डॉ. नूपुर गोयल की कविताएं -2, मुलाकात को…

मुलाकात को तरसता है मन… लोगों से मुलाकात को, तरसता है मन, पर उनकी बातों के बाणों से, डरता है मन। जाने कौन-कौन से बाण चलाएंगे, जाने कौन-कौन से जख्म छेड़ जाएंगे। कहां पर छुपा के, रखते हैं बाणों को, जरूरत के मुताबिक, निकालते हैं बाणों को। कोई पुराने जख्मों को, गहरा है कर जाता, […]

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भारत-पाक को लेकर सही निकली नरेश नाथ की भविष्यवाणी, अब रक्षा मंत्रालय के बारे में कही ये बात…

नीरज सिसौदिया, जालंधर पंजाब के प्रसिद्ध ज्योतिष रत्नाकर नरेशनाथ की भविष्यवाणी एक बार फिर सत्य साबित हुई। उन्होंने 16 फरवरी को भविष्यवाणी की थी कि भारत वायु मार्ग के जरिए इस हमले का जवाब दे सकता है। इससे पहले भी नरेशनाथ द्वारा की गईं कई भविष्यवाणियां सटीक साबित हो चुकी हैं। ज्योतिषाचार्य नरेशनाथ ने 16 […]